अदालत ने 2011 के डकैती और हत्या के एक मामले में पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीषा खुराना कक्कड़ पांचों दोषियों जितेंद्र बधाना, रवि, मोहम्मद इब्राहिम, यूसुफ और बॉबी के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रही थीं। विकास उर्फ बोगा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था, लेकिन मुकदमे के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी।
दिसंबर 2023 में अदालत ने पांचों आरोपियों को डकैती और परमानंद की हत्या के अपराध में दोषी ठहराया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपियों ने 5 नवंबर 2011 को डकैती करने के इरादे से पीड़ित पर हमला किया और उसे गंभीर चोटें पहुंचाईं। पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अगले महीने उसकी मौत हो गई।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दोषियों के खिलाफ यह साबित हो गया है कि उन्होंने परमानंद की हत्या के साथ डकैती की थी, जिसके कारण उनके परिवार को न केवल उनका साथ खोना पड़ा, बल्कि आय का भी नुकसान हुआ।
इसमें पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, जबकि जितेंद्र और बॉबी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अदालत ने कहा कि बाकी दोषियों को 10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।