गुरुग्राम में युवती से 1.73 लाख रुपये ठगने वाले विदेशी नागरिक डेनियम गोजी की जमानत याचिका जिला अदालत ने रद्द कर दी है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तरुण सिंगल की अदालत ने दिया है। आरोप है कि जिस मोबाइल नंबर से युवती को फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर कॉल की गई, वह सिम आरोपी ने ही मुहैय्या कराई थी। पुलिस ने जब आरोपी को गिरफ्तार किया था, उस समय वह भारत में बिना वीजा और पासपोर्ट के रह रहा था।
सेक्टर-70 निवासी समीक्ष्य शुभदर्शिनी ने 31 मार्च 2022 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि मेट्रोमोनियल साइट पर उनकी बात शिवा जाधव नामक युवक से हुई थी। उसने बताया कि वह तुर्की से है। इसके बाद उन्होंने उस से बात करनी बंद कर दी। इसके बाद उसने युवती को आश्वासन दिया कि वह वापस भारत आकर रहेगा। इसके बाद उसने कुछ सामान भेजने के लिए युवती के घर का पता लिया।
कुछ दिनों बाद उसके पास सुनीता नाम से मुंबई कस्टम अधिकारी ने फोन कर कहा कि उनके नाम पर एक पार्सल तुर्की से आया है। उस पार्सल में डॉलर है। इसके लिए कस्टम को 38 हजार 500 रुपये देने होंगे। पैसे न देने पर पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। इसके बाद उसने पैसे दे दिए। इसके बाद दोबारा से फोन कर युवती से 1.35 लाख रुपये ले लिए। युवती ने पैसे दिए। उन्होंने दोबारा से पैसे मांगे तो युवती को शक हो गया। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी।
बचाव पक्ष की तरफ से दलील दी गई डेनियम गोजी 20 मई 2023 से जेल में है। उसके पास से अब पुलिस को कुछ भी बरामद नहीं करना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका रद्द कर दी।