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मुंबई ब्लास्ट के आरोपी सिद्दीकी को किताबें प्रदान करने से इंकार

Mon, 21 Mar 2016 09:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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हाईकोर्ट - फोटो : file photo
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हाईकोर्ट ने मुंबई ट्रेन ब्लास्ट मामले में आरोपी सिद्दीकी को होम्योपैथी से संबंधित पुस्तकें प्रदान करने के लिए मुंबई जेल अथॉरिटी को आदेश देने से इंकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अदालत मुंबई जेल अथारिटी को आदेश नहीं दे सकती। यह उनके अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है।
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न्यायमूर्ति मनमोहन ने अपने फैसले में कहा कि मामले में मुंबई ट्रेन ब्लास्ट का आरोपी याची मुंबई जेल में बंद है और उन्हें मुंबई केंद्रीय जेल अथॉरिटी को यह आदेश देने का अधिकार नहीं है कि वे कैदी को किताबें उपलब्ध कराएं।

अदालत ने कहा कि यह एक बहस का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि वे राज्य या केंद्रीय काउंसिल ऑफ रिसर्च इन होम्योपैथी (सीसीआरएच) को ऐसा आदेश नहीं दे सकते। अदालत ने कहा कि यदि याची दिल्ली जेल में होता तो वे ऐसा कर सकते थे।
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आरोपी ने पढ़ाई के लिए मांगी थीं 45 होम्योपैथिक पुस्तकें

चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय - फोटो : file photo
अदालत ने कैदी द्वारा पुस्तकें प्रदान करने के संबंध में दायर पत्र को जनहित याचिका में तब्दील कर जेल प्रशासन व केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अदालत ने कहा कि उनका मानना है कि सीसीआरएच को फ्री में किताबें उपलब्ध करानी चाहिए।

वर्ष 2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट के आरोपी एहतेशाम कुतुबुद्दीन सिद्दीकी ने वर्ष 2012 में दिल्ली हाईकोर्ट को पत्र लिखकर तर्क रखा था कि उसे होम्योपैथी में पढ़ाई के लिए 45 पुस्तकें देने का निर्देश दिया जाए।

केंद्रीय सूचना आयोग ने आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी के तहत इससे पूर्व उसके तर्क को खारिज कर दिया था। सीसीआरएच व सीआईसी ने कहा था कि यह किताबें निशुल्क नहीं दी जा सकतीं और इसकी कीमत तय है।

दिल्ली सरकार की और से पेश अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि तिहाड़ जेल में वेलफेयर कार्यक्रम के तहत निशुल्क पुस्तकें प्रदान की जाती है लेकिन मुंबई जेल में बंद आरोपी को पुस्तकें प्रदान करने का उसका कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।
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