देशद्रोह के मामले में आरोपी जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की अंतरिम जमानत रद्द की जाए या नहीं, हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
न्यायमूर्ति पीएस तेजी के समक्ष पेश दिल्ली सरकार के अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि सरकार का मानना है कि कन्हैया की अंतरिम जमानत रद्द नहीं की जानी चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए विशेष सरकारी वकील शैलेंद्र बब्बर ने अदालत को बताया कि कन्हैया ने अंतरिम जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है।
अब इस पर अदालत फैसला ले की उसकी जमानत रद्द की जानी है या नहीं। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद कहा कि जल्द ही इस मुद्दे पर अपना निर्णय सुनाएंगे।