अदालत ने अपहरण व रेप के मामले में आरोपी राज कुमार व उसकी भाभी को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया। अदालत ने जांच में कई खामियां बरतने पर पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है।
द्वारका स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेन्द्र भट्ट ने अपने फैसले में कहा कि पुलिस ने तथ्यों पर जाने की अपेक्षा अपने स्तर पर केस को हल करने का प्रयास किया है।
अदालत ने कहा कि सभी साक्ष्यों व गवाहों के बयानों का अध्ययन करने के बाद वे महसूस करते है कि अभियोजन पक्ष आरोपियों का अपराध साबित करने में फेल रहा है। ऐसे में आरोपी संदेह का लाभ पाने का हकदार है।
अदालत ने अभियोजन पक्ष के उस तर्क को खारिज कर दिया कि आरोपी कहानी बनाकर अदालत को गुमराह कर रहे है। मामला द्वारका नार्थ थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने लड़की के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने लड़की को राजकुमार के साथ मैनपूरी-यूपी निवास से बरामद किया था। पुलिस का आरोप था कि आरोपी ने उससे जबरन विवाह कर रेप किया।