गर्मी की छुट्टियों को लेकर ट्रेनों में चल रही जबरदस्त मारामारी के बीच तत्काल कोटे को लेकर खेल शुरू हो गया है। तत्काल टिकट के लिए लाइन में लगने के लिए भी लोगों को पैसे चुकाने पड़ रहे है।
जिसमें बकायदा नंबर दिया जाता है। इस पूरे खेल में कई लोगों का गिरोह बना हुआ है। जो तत्काल के लिए पूरी योजना के साथ लाइन लगाते है। इस पर पेश है अमर उजाला पड़ताल...
गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए गुड़गांव से विभिन्न स्थानों पर चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में अभी से वेटिंग टिकट की लंबी फेहरिस्त है।
सुबह से शुरू होता है खेल
सामान्य आरक्षण के अलावा मार्च के महीने में दूरदराज जाने वाले यात्रियों के लिए तत्काल की सुविधा के लिए गुड़गांव रेलवे स्टेशन पर बकायदा आगे की लाइन में लगने के लिए पैसे चुकाने पड़ते है।
जिसकी कीमत 100 से 300 रुपये तक है। जिसमें लोग पैसे देकर तत्काल टिकट शुरू होने से ऐनवक्त पहले लाइन में लग रहे है। इतना ही नहीं, इसमें चार से पांच लोग शामिल है जो अपने लोगों को यहां लाइन में लगाकर यह गोरखधंधा चला रहे है।
ट्रेनों में तत्काल टिकट की समय सीमा 48 घंटे होने के बाद टिकटों की मारामारी ज्यादा बढ़ गई है। सुबह 10 बजे शुरू होने वाली तत्काल टिकट की बुकिंग के लिए आरक्षण केंद्र पर सुबह तीन बजे ही लाइन लगनी शुरू हो जाती है।
एटीएम गार्ड की भूमिका संदिग्ध
गुड़गांव रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र के समीप बने दो बैंकों के एटीएम पर तैनात गार्डो की भूमिका भी संदिग्ध है। रेलवे के एक कर्मचारी के मुताबिक इस पूरे खेल में गार्डो की पूरी मिलीभगत है जो बकायदा पूरा हिसाब-किताब रखते है।
हालांकि इस पूरे मामले को लेकर आरपीएफ जवान अनजान है। उन्होंने ऐसा कुछ भी होने से इनकार कर दिया। गुड़गांव से दाजर्लिंग, जम्मू-कटरा और मुंबई समेत ठंडे स्थानों पर जाने वाली ट्रेनों में जबरदस्त मारामारी है।
गर्मी की छुट्टियों के मद्देनजर मई में पूजा एक्सप्रेस, मुंबई गरीब रथ और एनजेपी एक्सप्रेस में लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है। इसके अलावा अप्रैल में भी इस रूट पर चलने वाली लंबी दूरी की लगभग सभी ट्रेनों में खचाखच बुकिंग है।
अगर ऐसा है तो आला अधिकारियों को सूचित किया जाएगा। इसे गंभीरता से लेते हुए जांच कराई जाएगी।-नीरज शर्मा, सीपीआरओ, उत्तर रेलवे