सिहानी गेट पुलिस ने अपने ही थाने के पूर्व एसएचओ संजय पांडे व दो दरोगाओं अनिरुद्ध व सचिन के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। दरअसल, लोहिया नगर निवासी रेलवे ठेकेदार ने उक्त तीनों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए विशेष जज, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या-दो (मेरठ) में प्रार्थना पत्र दिया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सिहानी गेट पुलिस को मुकदमा दर्ज कर सक्षम अधिकारी से विवेचना कराने के आदेश दिए थे। संजय पांडेय फिलहाल लोनी थाना के प्रभारी निरीक्षक हैं।
बी-58 लोहिया नगर निवासी तुषार गोयल पुत्र विनोद कुमार रेलवे में ठेकेदार हैं। उनका कहना था कि सिहानी गेट थाना प्रभारी (तत्कालीन) संजय पांडे उन्हें चार माह से परेशान कर रहे थे। उन्होंने कोर्ट में सरेंडर एप्लीकेशन डाली तो पुलिस ने किसी मुकदमे में वांछित होने से इंकार कर दिया। आरोप है कि एसएचओ संजय पांडे ने उन्हें थाने के बाहर बुलवाया और दो लाख रुपये की मांग की। रुपये न देने पर थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 1901/18 में पर्चे काटकर जेल भेजने की धमकी दी। आरोप है कि एसएचओ के कहने पर मुकदमे के विवेचक अनिरुद्ध व दरोगा सचिन ने उन्हें प्रताड़ित किया। बिना सर्च वारंट के आधी रात में घर की तलाशी ली तथा उनके माता-पिता व पत्नी से अभद्रता की।
चेक चोरी के मामले में बनाया था आरोपी
तुषार गोयल का कहना है कि कंसल्टेंट प्रियंका जैन निवासी हरदेव साईं के जरिये राजनगर सेक्टर-10 निवासी शलभ गोयल व सेक्टर-9 निवासी सुधीर गुप्ता ने रेलवे के रिटायर्ड इंजीनियर विजय शर्मा से कोई प्रोजेक्ट तय किया था। बदले में पौने दो करोड़, ढाई करोड़ व 75 लाख के चेक दिए थे, जो बाउंस हो गए थे। इस संबंध में विजय शर्मा ने गाजियाबाद कोर्ट में केस दायर किया था। आरोप है कि तीन माह बाद पुलिस से सेटिंग करके सुधीर गुप्ता व शलभ गोयल व राजेंद्र शर्मा ने सिहानी गेट थाने में विजय शर्मा के खिलाफ चेक चोरी का मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने उसमें प्रियंका जैन व उन्हें 120बी का आरोपी बना दिया था।
सिहानी गेट थाने के पूर्व एसएचओ समेत तीन के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर रिश्वत मांगने व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- आतिश कुमार सिंह, सीओ द्वितीय