नोएडा फोर्टिस अस्पताल पर 25 लाख का जुर्माना लगाया गया।
सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में कचरा प्रबंधन की जांच के लिए प्राधिकरण की टीम ने छापा मारा। बृहस्पतिवार को पहुंची टीम की जांच में अस्पताल के पूरी तरह से फेल होने की बात सामने आई। जिसके बाद अस्पताल पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
प्राधिकरण के मुख्य सलाहकार ओमेंद्र श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को सेक्टर-62 की तीन यूनिटों पर कचरा प्रबंधन की जांच के लिए छापा मारा। फोर्टिस अस्पताल की जांच के दौरान अलग-अलग रंग के कूड़ेदान में मिक्स कचरा फेंका हुआ पाया गया। प्राधिकरण की टीम का कहना था कि अस्पताल परिसर में गंदगी पसरी हुई थी। बदबू से भरा माहौल था। कचरे के प्रबंधन के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे थे। फोर्टिस अस्पताल को नियमों का घोर उल्लंघन करते हुए पाया गया। जिसके बाद उस पर 25 लाख का जुर्माना लगाया गया है।
ओरिएंट क्राफ्ट पर 10 लाख और जेनपैक्ट पर 15 लाख का जुर्माना
प्राधिकरण की टीम ने सेक्टर-62 में ही ओरिएंट क्राफ्ट लिमिटेड और जेनपैक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में भी कचरा प्रबंधन की जांच की। दोनों यूनिटों को मानकों पर खरा नहीं पाया गया। ओरिएंट क्राफ्ट कपड़ा बनाकर विदेशों में बेचती है। वहीं जेनपैक्ट आईटी कंपनी है। जांच के दौरान यहां एसटीपी के पूरी तरह से बंद होने की बात सामने आई। टीम ने ओरिएंट क्राफ्ट पर 10 लाख ओर जेनपैक्ट पर 15 लाख का जुर्माना लगाया गया। प्राधिकरण की टीम का कहना है कि आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।