अरविंद केजरीवाल का दावा है कि दिल्ली सरकार 71 लाख लोगों को राशन पहुंचा रही है। इसके अलावा सुबह-शाम को मिलाकर लगभग 16 लाख लोगों को रोजाना तैयार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। लेकिन लोगों का कहना है कि अभी भी उन्हें पर्याप्त भोजन और राशन नहीं मिल रहा है।
दिल्ली सरकार ने केंद्र से पर्याप्त मात्रा में राशन लिए जाने की बात कही है। राशन की दुकानों पर राशन पहुंच रहा है, लेकिन इसके बाद भी सभी जरूरतमंद लोगों तक राशन नहीं पहुंच पा रहा है।
मंडावली इलाके के सुनील कुमार का कहना है कि दुकान बहुत कम समय के लिए खुल रही है। इसके कारण कुछ ही लोगों को राशन मिल पाता है। उसके बाद दुकान बंद कर दी जाती है।
वहीं सोनिया विहार के पप्पू शर्मा कि शिकायत है कि राशन की दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में गेहूं और चावल आ रहा है, लेकिन उसको बांटने के दौरान लोगों के बीच भी भेदभाव किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों को कई बार आश्वस्त किया है कि वे राजधानी में किसी भी गरीब को भूखे नहीं रहने देंगे। इसके लिए एक तरफ तो राशन केंद्रों में राशन दिया जा रहा है, वहीं लोगों को तैयार खाना भी खिलाया जा रहा है।
सरकार ने एक अप्रैल को एक हेल्पलाइन नंबर 1031 जारी कर कहा कि भोजन या राशन से जुड़ी कोई भी समस्या किसी को आ रही है तो वे इस नंबर पर फोन कर मदद मांग सकते हैं।
लोगों को तुरंत मदद उपलब्ध कराई जायेगी। पिछले एक हफ्ते में रोजाना एक हजार से ज्यादा फोन आ रहे हैं और सरकार से भोजन की मदद मांगी जा रही है।
ईडीएमसी के प्रमुख पदाधिकारी संदीप कपूर का कहना है कि राशन बांटने के दौरान लोगों की भारी भीड़ इकट्ठी हो रही है। इससे कई जगहों पर राशन या भोजन बांटने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है।
इससे कोरोना के खिलाफ लड़ाई कमजोर पड़ रही है। हालांकि, ज्यादातर दुकानों पर सफेद चूने से घेरे बनाकर लोगों से डिस्टेंस बनाए रखने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन इस पर और अधिक कड़ाई किए जाने की जरूरत है।
दिल्ली सरकार सभी रैन बसेरों पर लोगों को भोजन करा रही थी, लेकिन इसकी जरूरत बढ़ने के साथ कई स्कूलों को हंगर सेंटर में तब्दील कर दिया गया है।
इस समय कुल 1617 सेंटरों पर 7.90 लाख लोगों को दोपहर का भोजन और 8.06 लाख लोगों को रात का भोजन कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कई सामाजिक-धार्मिक संगठन और सांसद-विधायक अपने-अपने स्तर पर लोगों को भोजन और राशन उपलब्ध करा रहे हैं।
लेकिन सरकार के इतने प्रयासों के बाद भी जगह-जगह से शिकायतें आ रही हैं कि अधिकारी भोजन की कमी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। बुधवार को भी राजधानी के 37 अलग-अलग सेंटरों से दोपहर में कम भोजन पहुंचाने की खबर सामने आई।
इतना ही नहीं, शाम के समय भी कम भोजन सप्लाई को लेकर 15 जगहों से लोगों ने फोन कर शिकायत दर्ज कराई। सरकार कहना है कि वह इन कमियों को जल्दी ही दूर करेगी और सबके भोजन की व्यवस्था निश्चित की जायेगी।