त्योहारों की भीड़ और वायु प्रदूषण का दंश आखिरकार कोरोना महामारी को बढ़ाने में सहायक बनने लगा है। पिछले कई दिनों से स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसकी आशंका भी व्यक्त कर रहे थे। इसी का नतीजा है कि बुधवार को दिल्ली में 54 दिन बाद कोरोना संक्रमण के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। इससे पहले बीते 17 सितंबर को दिल्ली में 50 से ज्यादा लोग संक्रमित मिले थे लेकिन अब पिछले एक दिन में 54 लोग संक्रमित मिले हैं और एक ही दिन में कोरोना के 39 सक्रिय मामले भी बढ़े हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बुधवार को कोरोना 54 नए मामले आए, जबकि 15 मरीजों की छुट्टी हुई। राहत की बात है कि बुधवार को भी किसी मरीज की कोरोना से मौत नहीं हुई लेकिन संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर अब 1440230 हो चुकी है जिनमें 1414751 मरीज ठीक भी हुए हैं। जबकि 25091 लोगों की जान बचाई नहीं जा सकी। फिलहाल राजधानी में कोरोना से मृत्यु दर 1.74 फीसदी है।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राजधानी में कोरोना के सक्रिय मामले बढ़कर 388 हो गए हैं। इनमें से विभिन्न अस्पतालों में 170 और होम आइसोलेशन 164 मरीज भर्ती हैं। पिछले एक दिन में 57900 सैंपल की जांच हुई थी जिनमें 0.09 फीसदी सैंपल कोरोना संक्रमित मिले हैं। अगर कोरोना की जांच और संक्रमित सैंपल की तुलना करें तो यह आंकड़ा भी बीते दो महीने में सर्वाधिक है।
कंटेनमेंट जोन में आई है कमी
उन्होंने बताया कि नए मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि मरीजों के स्वस्थ होने की वजह से कंटेनमेंट जोन में फिलहाल कमी आई है। पिछले एक दिन में आठ इलाकों में इस सूची से बाहर किया गया है। इसी के साथ ही अब कुल कंटेनमेंट जोन की संख्या 104 रह गई है।
वहीं कोरोना टीकाकरण को लेकर उन्होंने बताया कि पिछले एक दिन में 85198 लोगों को वैक्सीन दी गई है। अब तक दिल्ली में कुल टीकाकरण 2.09 करोड़ पार हो चुका है जिनमें से 77.05 लाख लोग दोनों खुराक लेकर टीकाकरण पूरा भी कर चुके हैं। अगर राजधानी की कुल व्यस्क आबादी 1.50 करोड़ से तुलना करें तो करीब दिल्ली का हर दूसरा व्यक्ति कोरोना टीकाकरण खत्म कर चुका है।