दिल्ली एयरपोर्ट पर प्रतिदिन औसतन टर्मिनल-3 पर 10-11 हजार यात्री पहुंचते है। जब कोई फ्लाइट लेट होती है तो अचानक से दो विमान के यात्री एकत्रित हो जाते हैं। आरटीपीसीआर जांच में 4-5 घंटा लगने की वजह से यात्री एकत्रित हो जाते हैं।
भारतीय करेंसी नहीं होने से होती है परेशानी
विदेश से आने वाले कई यात्रियों के पास भारतीय रुपया नहीं होता। जांच के लिए डॉलर में रकम नहीं चुकाने की अनुमति होती है। ऐसे में रैपिड आरटीपीसीआर की सैकड़ों लोग आरटीपीसीआर कराते है। जिसमें चार से पांच घंटा रिपोर्ट आने में लग जाता है। यह भी भीड़ बढने की बड़ी वजह है।
छुट्टी, शादी-विवाह, क्रिसमस व कोविड के डर से बढ़ी यात्रियों की संख्या
छुट्टी, शादी-विवाद, क्रिसमस व कोविड के डर की वजह से विदेश से आने वालों की तादाद इनदिनों बढ़ी हुई है। सभी विमान यात्रियों से खचाखच भरा रह रहा है। एक साथ अधिक यात्रियों के आने से भीड़ प्रबंधन तार-तार हो जाता है। इतना ही नहीं कई लोग कोविड जांच के लिए ऑन लाइन बुकिंग नहीं करते है तो जांच काउंटर पर भीड़ अनियंत्रित हो जाती है।
इमिग्रेशन काउंटर की कमी
इमिग्रेशन काउंटर की संख्या भी भीड़ के सामने कम पड़ रही है। बड़ी संख्या में विदेशों से पहुंचने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचना होता है। मुहर लगाने के लिए भीड़ बढ़ जाती है।
एयरपोर्ट संचालन करने वाली कंपनी डायल भीड़ प्रबंधन में जुटी हुई है। बैठने की क्षमता को 1400 से बढ़ाकर 2000 किया गया है। कोविड जांच के लिए अलग से 20 काउंटर लगाया गया है। ताकि आसानी से यात्री जांच करा सके। खाने-पीने के लिए वेंडिंग मशीन लगाई गई है। जांच बढ़ाने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। जिससे किसी भी प्रकार के खतरे से बचा जा सके और भीड़ के कुप्रबंधन से बचने के लिए विशेष तरीका अपनाया जा रहा है।
हालांकि कुर्सी आगे-पीछे करके और बैठने की परिपाटी से भी अव्यवस्था हो जाती है। उधर, डीडीएमए के कर्मियों की कमी की वजह से भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना बेहद चुनौती वाला बन जाता है।
बेहतर प्रबंधन किया जा रहा है: जयपुरियार
सीईओ-डायल, विदेह कुमार जयपुरियार ने बताया कि, दिल्ली एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों के लिए नए स्क्रीनिंग मानदंडों के प्रबंधन के लिए बुनियादी ढांचे और प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है। आगमन पर कोविड जांच की प्री-बुकिंग करने वाले यात्रियों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। इसके अलावा, अधिक से अधिक यात्री नियमित आरटीपीसीआर की तुलना में रैपिड पीसीआर परीक्षण का विकल्प चुन रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए 120 रैपिड पीसीआर परीक्षण मशीनें लगा दी गई है। यात्रियों के लिए 20 समर्पित काउंटर उपलब्ध कराया गया है। प्रतीक्षा समय को कम करने के लिए विशेष इंतजाम किया जा रहा है। रैपिड पीसीआर परीक्षण के लिए 60 मिनट और आरटीपीसीआर परीक्षणों के लिए पांच घंटे लगते है। ऐसे में यात्रियों की तेज आवाजाही को सुगम बनाने के लिए इमिग्रेशन अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।