राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को कोरोना वायरस के कुल 67 संक्रमित मामले सामने आए थे। इनके बारे में शनिवार को चौंकाने वाली बात सामने आई है। पता चला है कि कुल संक्रमितों में से 31 जहांगीरपुरी इलाके के हैं और ये सब एक ही परिवार के हैं।
यह सभी संक्रमित जहांगीरपुरी के निवासी हैं। इस इलाके को पहले से ही कंटेनमेंट जोन घोषित कर पूरी तरह से सील किया जा चुका है। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों का संक्रमित होना चिंता का विषय है।
मालूम हो कि दिल्ली में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए 76 इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जा चुका है। वहीं रैपिड टेस्टिंग भी शुरू हो गई है। इसकी शुरुआत दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से की गई है।
मालूम हो कि दिल्ली में कुल संक्रमितों की संख्या 1700 से भी ज्यादा हो चुकी है। यहां अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 73 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। अस्पताल में भर्ती कुल संक्रमितों में से 27 फिलहाल आईसीयू में रखे गए हैं जबकि छह को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
वहीं मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आज ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में राजधानी में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या कम हुई है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और भी नीचे जाएगी। इससे दिल्लीवासियों में भी कोरोना पर जीत हासिल करने के लिए नई उम्मीद जागी है।
उन्होंने लॉकडाउन के दौरान लोगों से घरों में रहने की अपील की। कहा कि मैं आप सभी से हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि घरों से ना निकलें। कोरोना से सुरक्षा आपके खुद के हाथ में है।
आठ नए कंटेनमेंट जोन
. खिजराबाद, न्यू फ्रेंड्स कालोनी ए ब्लॉक में मकान नंबर 48 से चौपाल तक की पूरी गली।
. इस्माइल कैंप, रंगपुरी पहाड़ी और इससे लगा बफर जोन।
. बुध नगर, इंद्रपुरी, नई दिल्ली और उससे सटा बफर जोन।
. ओबराय अपार्टमेंट।
. मानसरोवर गार्डन।
. मेन रोड और गली नंबर-8 शास्त्री पार्क।
. गली नंबर-18, गौतमपुरी।
. ए-97, 98, 99 बुलंद मस्जिद, शास्त्री पार्क।
20 अप्रैल के बाद भी जारी रहेंगी पाबंदियां
कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि 20 अप्रैल के बाद अगले आदेश तक सरकारी विभाग मौजूदा पाबंदियों के हिसाब से ही चलेंगे। स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति जैसी जरूरी सेवाओं की आपूर्ति जारी रहेगी, जबकि गैर-जरूरी सेवाएं 20 अप्रैल के बाद भी बंद रहेंगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार को इसका फैसला लिया गया। आगे किसी तरह के बदलाव की जरूरत होने पर सरकार नए सिरे से दिशानिर्देश जारी करेगी।