नई दिल्ली स्थित लेडी हॉर्डिंग अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कोरोना संक्रमित महिला को डिलीवरी के लिए एमसीडी के गिरधारीलाल अस्पताल में भेज दिया गया, लेकिन वहां के कर्मचारियों को इसकी जानकारी नहीं दी गई।
डिलीवरी के बाद जब महिला को छुट्टी दे दी गई तो अस्पताल के कर्मचारियों को इसका पता चला। इसे लेकर अब गिरधारीलाल अस्पताल के कर्मचारियों में भय का माहौल है। ये भी पता चला है कि कई मामलों में लेडी हॉर्डिंग अस्पताल से सिर्फ टेस्ट कराकर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेज दिया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि 25 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के महोबा निवासी महिला को डिलीवरी के लिए लेडी हॉर्डिंग अस्पताल से सिविक सेंटर के पास स्थित गिरधारीलाल अस्पताल में भेजा गया था। लेडी हॉर्डिंग अस्पताल से ये बताया गया था कि महिला का कोरोना टेस्ट हो गया है और वह ठीक है।
गिरधारी अस्पताल में महिला की डिलीवरी हो गई और कुछ दिन में महिला को छुट्टी दे दी गई। इसे बाद गिरधारी लाल अस्पताल के कर्मचारियों को कुछ संदेह हुआ तो उन्होंने महिला की कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट के बारे में पता करना शुरू किया।
इस दौरान पता लगा कि महिला कोरोना पॉजिटिव है। वह नर्स के अलावा अन्य कई कर्मचारियों के भी संपर्क में आई थी। अस्पताल के कर्मचारियों ने कोरोना टेस्ट कराने की मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
अस्पताल को सैनिटाइज नहीं किया जा रहा है और न ही कर्मचारियों को किसी तरह की सुविधाएं दी गई हैं। हाल यह है कि कर्मचारियों को पीपीई किट भी नहीं दी गई हैं। गिरधारीलाल अस्पताल में करीब आठ बेड का कोविड सेंटर बना हुआ है।