मुख्यमंत्री ने बताया कि 29 दिसंबर को 923 कोविड के केस आए थे। 30 दिसंबर को 1313 केस थे। इसके बाद 31 दिसंबर को 1796 केस आए, एक जनवरी को बढ़कर 2796 केस आए। एक दिन में एक हजार केस बढ़ गए। इस वक्त दिल्ली में एक्टिव केस 6360 केस हैं, जबकि तीन दिन पहले एक्टिव केस 2191 थे। तीन दिनों में लगभग तीन गुना एक्टिव केस बढ़ गए। इसमें एयरपोर्ट पर पाए गए कोरोना मरीज भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 29 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती मरीजों की तुलना में एक जनवरी को अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या थोड़ी कम हो गई है। मतलब साफ है कि बीमार लोगों को अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। हल्का बुखार व खांसी हो रही है जो कोरोना के बिल्कुल माइल्ड केस हैं या एसिम्प्टोमैटिक हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन के 82 बेड कोरोना मरीजों से भरे हुए हैं, जबकि 37 हजार कोरोना ऑक्सीजन बेड की तैयारी है। पिछले साल अप्रैल में सबसे भयानक लहर आई थी, जब ऑक्सीजन की कमी हुई थी। उस समय दिल्ली में 145 वेंटिलेटर इस्तेमाल हो रहे थे, जबकि आज मात्र पांच मरीज वेंटिलेटर पर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें जिम्मेदार रहना है, घबराने और चिंता करने की जरा भी जरूरत नहीं हैं। मीडिया से भी निवेदन है कि बिल्कुल भी पैनिक न फैलाएं। हमें जिम्मेदार रहना है, मास्क पहनना है, सोशल डिस्टेंसिंग करनी है और साबुन से हाथ धोने हैं। एक तो यह कोरोना बहुत ही माइल्ड है और दूसरा आपकी सरकार पूरी तरह से तैयार है, आपके साथ खड़ी है।