फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण पर बोले केजरीवाल: घबराने और चिंता करने की जरूरत नहीं, इस लहर का असर बेहद माइल्ड

Sun, 02 Jan 2022 08:06 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
अरविंद केजरीवाल - फोटो : ANI
विज्ञापन

कोरोना के बढ़ते केस के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पैनिक होने से बचने की अपील की है। कहा है कि हमें जिम्मेदार रहना है, घबराने और चिंता करने की जरा भी जरूरत नहीं हैं। कोरोना की इस लहर का असर बेहद माइल्ड है। फिर भी ‘आप’ की सरकार पूरी तरह से तैयार है। 

विज्ञापन


कोविड के आकड़े का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्तमान में दिल्ली में 6300 एक्टिव केस हैं और केवल 82 बेड भरे हैं, जबकि 27 मार्च 2021 को 6600 एक्टिव केस थे और तब 1150 बेड भरे थे। आज केवल 5 मरीज वेंटिलेटर पर हैं, जबकि एक अप्रैल 2021 को जब एक दिन में 2700 केस आए थे, तब 231 मरीज वेंटिलेटर पर थे। मौत का आकड़ा भी कम है। उस समय प्रतिदिन औसतन 10 मौतें हो रही थीं, लेकिन आज कभी एक या एक भी मौत नहीं हो रही। अस्पतालों में भी 0.22 फीसद बेड भरे हैं और 99.78 फीसद बेड खाली हैं। इतना ही नहीं अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ रही है। दिल्ली सरकार ने 37 हजार ऑक्सीजन बेड की तैयारी की है। 

 

तीन दिनों में तीन गुना एक्टिव केस बढ़े

मुख्यमंत्री ने बताया कि 29 दिसंबर को 923 कोविड के केस आए थे। 30 दिसंबर को 1313 केस थे। इसके बाद 31 दिसंबर को 1796 केस आए, एक जनवरी को बढ़कर 2796 केस आए। एक दिन में एक हजार केस बढ़ गए। इस वक्त दिल्ली में एक्टिव केस 6360 केस हैं, जबकि तीन दिन पहले एक्टिव केस 2191 थे। तीन दिनों में लगभग तीन गुना एक्टिव केस बढ़ गए। इसमें एयरपोर्ट पर पाए गए कोरोना मरीज भी शामिल हैं। 

अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ रही

मुख्यमंत्री ने कहा कि 29 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती मरीजों की तुलना में एक जनवरी को अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या थोड़ी कम हो गई है। मतलब साफ है कि बीमार लोगों को अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। हल्का बुखार व खांसी हो रही है जो कोरोना के बिल्कुल माइल्ड केस हैं या एसिम्प्टोमैटिक हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन के 82 बेड कोरोना मरीजों से भरे हुए हैं, जबकि 37 हजार कोरोना ऑक्सीजन बेड की तैयारी है। पिछले साल अप्रैल में सबसे भयानक लहर आई थी, जब ऑक्सीजन की कमी हुई थी। उस समय दिल्ली में 145 वेंटिलेटर इस्तेमाल हो रहे थे, जबकि आज मात्र पांच मरीज वेंटिलेटर पर हैं। 

 
विज्ञापन

जिम्मेदार रहना है, घबराना नहीं है

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें जिम्मेदार रहना है, घबराने और चिंता करने की जरा भी जरूरत नहीं हैं। मीडिया से भी निवेदन है कि बिल्कुल भी पैनिक न फैलाएं। हमें जिम्मेदार रहना है, मास्क पहनना है, सोशल डिस्टेंसिंग करनी है और साबुन से हाथ धोने हैं। एक तो यह कोरोना बहुत ही माइल्ड है और दूसरा आपकी सरकार पूरी तरह से तैयार है, आपके साथ खड़ी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें