उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने सोमवार शाम को जानकारी देते हुए बताया कि गौतमबुद्ध नगर जिलाधिकारी बृजेश नारायण सिंह को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन पर लगे आरोपों की जांच की जिम्मेदारी आलोक टंडन को सौंपी गई है। वहीं उनकी जगह जिलाधिकारी के पद पर सुहास एलवाई को तैनात किया गया है।
गौतमबुद्ध नगर में कोरोना की तैयारियों की समीक्षा में पाया गया कि जिलाधिकारी के स्तर पर समन्वय में काफी कमी पाई गई, पॉजिटिव पाए गए लोगों को क्वारंटाइन करने में भी कमी पाई गई। इस कारण कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या बढ़ गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर के डीएम बृजेश सिंह ने आज तीन महीने के लिए अवकाश का अनुरोध किया था। इसके बाद उन्हें स्थानांतरित कर लखनऊ भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही अपनी जिम्मेदारी सही से न निभा पाने की जांच के लिए आदेश पारित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सुहास एलवाई को गौतमबुद्ध नगर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना नियंत्रण में नोएडा डीएम विफल हो गए। इसके साथ ही डीएम ने अवकाश का प्रार्थनापत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल किया। नोएडा डीएम ने अनुशासनहीनता की है।
वहीं नोएडा के नए डीएम सुहास 2007 बैच के आईएएस है और उनका नाम यूपी के अच्छे अफसरों में शुमार है। मूल रूप से कर्नाटक के शिमोगा जिले के रहने वाले हैं। कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है। वर्ल्ड रैंक 2 नंबर के पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। 2016 में उत्तरप्रदेश के सबसे बेहतरीन सिविल सेवक के खिताब से गवर्नर द्वारा उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
आपको बता दें कि सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गौतमबुद्ध नगर दौरे के बाद जिलाधिकारी ने एक पत्र लिखकर सभी को चौंका दिया था। जिलाधिकारी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है और तीन महीने का अवकाश मांगा था। उनके इस अवकाश की पीछे की वजह सीएम योगी का कोरोना वायरस पर नोएडा की स्थिति चिंताजनक और असंतुष्ट होना बताया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएम योगी नोएडा की व्यवस्था से खासे नाराज हैं। इसके पीछे का कारण है नोएडा में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले। सीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए सोमवार को यहां का दौरा किया। वह विशेष विमान से सोमवार दोपहर करीब दो बजे हिंडन एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से हेलिकॉप्टर से गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी पहुंचे।