डिवाइस की मदद से सात समंदर पार से भी कर सकेंगे सिंचाई
खेतों में सिंचाई करना चाहते हैं और और खेतों से दूर हैं तो चिंता करने की जरूरत नहीं। एक डिवाइस की मदद से आप दुनिया के किसी भी छोर से बैठकर अपने खेत में सिंचाई कर सकेंगे। पंजाब के फिरोजपुर स्थित स्कूल से आए छात्र मानवजोत सिंह ने एक डिवाइस को तैयार किया है जो खेत में बोए गए बीज, नमी और उसकी गुणवत्ता के आधार पर तय करके सिंचाई करेगा। यह यंत्र मोबाइल एप से नियंत्रित होगा जिसमें पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की सूचना के आधार पर जानकारी अपडेट हैं। यह सभी मानकों को तय करके मोबाइल एप से संदेश मिलने पर सिंचाई करेगा। खेत में लगा डिवाइस भी वाईफाई से जुड़ा होगा। इस डिवाइस में लगा कृत्रिम बुद्धिमता वाला यंत्र सभी जानकारी को एप तक पहुंचाएगा।
लेजर की मदद से संचार की गति में आएगी तेजी
विशेषज्ञों का कहना है कि लेजर की मदद से भेजी जाने वाली ध्वनि तरंग से बातचीत की गति तेज होगी। इसका इस्तेमाल पनडुब्बी, पानी के नीचे चलने वाले वाहन, समुद्र की सतह पर लगे सेंसर में कम्युनिकेशन करने व अन्य साधन में संचार के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। भविष्य में इसकी रेंज को भी बढ़ाकर 200 मीटर तक किया जा सकेगा। अन्य सहायक यंत्र की मदद से गति और अधिक हो सकेेगी। इस यंत्र का निर्माण एसएसपीएल ही कर रहा है, जो पूरी तरह से स्वदेशी संयंत्र होगा।
पैदल चलने पर सात वॉल्ट तक बनेगी बिजली
पैदल चलने पर अब आप बिजली बना सकेंगे। मदुरई स्थित स्कूल के छात्र संजय और भारत ने फुट स्टेप पावर जनरेटर विथ वायरलैस चार्जर को प्रस्तुत किया है। इस यंत्र में बैटरी के आकार के यंत्र लगाए गए हैं। इस पर चलने पर दबाव पड़ता है और मैग्नेटिक एनर्जी बनती है। इस एनर्जी को सहायक यंत्रों की मदद से ऊर्जा में बदला जाता है। इस ऊर्जा की मदद से बैटरी को चार्ज किया जा सकता है। छात्रों की माने तो इस यंत्र को जूते में भी लगाया जा सकता है, जिसकी मदद से चलने पर सात वॉल्ट तक की ऊर्जा बनाई जा सकती है।