कांग्रेस ने दावा किया कि संविधान की मर्यादा बनाए रखने के लिए नागरिकता संशोधन कानून की संवैधानिक वैधता को 21 फरवरी तक सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। सत्ता में आने पर कांग्रेस दिल्ली विधानसभा में इस संबंध में प्रस्ताव पारित करते हुए केंद्र से नागरिकता संशोधन वापस लेने की मांग करेगी।
घोषणा पत्र में कहा गया है कि सीएए भावना के खिलाफ है, जबकि नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) को मौजूदा स्वरूप में लागू नहीं किया जाएगा। दिल्ली में नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजंस (एनआरसी) भी दिल्ली में लागू नहीं करने की कांग्रेस ने घोषणा की है।
कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र को जारी करने वालों में राज्यसभा सांसद राजीव गौड़ा, एआईसीसी के सचिव दिल्ली प्रभारी कुलजीत नागरा, पूर्व मंत्री अजय माकन, सचिव मनीष चतरथ, दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी, प्रो. किरण वालिया, प्रदेश प्रवक्ता अनिल भारद्वाज भी मौजूद रहे।
नाइट शिफ्ट में कैब सुविधा नहीं तो होगा जुर्माना
कांग्रेस पार्टी उन निजी कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाएगी जो रात की शिफ्ट में नौकरी करने वाली महिलाओं को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध नहीं करा रही हैं। कांग्रेस का लक्ष्य है कि साल के अंत तक दिल्ली में 63 फास्ट ट्रैक कोर्ट काम शुरू कर दें। इनमें पॉक्सो कोर्ट भी होंगे। सुरक्षा के लिहाज से स्ट्रीट लाइट के प्रावधानों को और दुरुस्त किया जाएगा।
राष्ट्रीय औसत का दोगुना है दिल्ली में बेरोजगारी
सीएमआईई के आंकड़ों की मानें तो दिल्ली में पिछले चार महीने बेरोजगारी की औसत दर 7.53 प्रतिशत तथा देश में बेरोजगारी की औसत दर 15.03 प्रतिशत है। यानी, दिल्ली में बेरोजगारी की दर राष्ट्रीय औसत के मुकाबले दोगुनी है।