दिल्ली में सरकार बनेगी या नहीं? राजनीतिक गलियारों में दिनभर इसी की चर्चा है। लेकिन राजनीतिक बादल इससे छंटते नहीं दिख रहे हैं। सरकार कांग्रेस विधायकों के बिना नहीं बनेगी लेकिन आठ में से पांच विधायक मीडिया में सरकार बनवाने से मना कर चुके हैं।
ऐसे में पर्दे के पीछे का खेल स्क्रीन पर नहीं उतर रहा है। जहां भाजपा नेताओं का फैसले से इनकार और कांग्रेस विधायकों का एक साथ सामने नहीं आने से संदेह बरकरार है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता हारून यूसुफ ने कहा है कि सभी विधायक संपर्क में हैं। कोई पार्टी छोड़कर भाजपा के साथ नहीं जा रहा है। भाजपा महंगाई और बिजली संकट जैसे मुद्दे से लोगों को भटकाने के लिए यह हाइप बना रही है।
कांग्रेस विधायक ने ये क्या कह दिया?
हसन अहमद ने बयान जारी करके कहा है कि मुस्लिम विधायकों को भ्रामक तरीके से जनता के बीच बदनाम करने की साजिश में पोस्टर लगाए गए हैं। हमारी कोई फैसला जनता के खिलाफ नहीं होता।
हमारी लोकप्रियता घटाने के लिए अफवाहें उड़ाई जा रही हैं। मैं सवाल करना चाहता हूं कि आप नेता सिर्फ मुस्लिम नेताओं को क्यों निशाना बना रहे हैं? ये लोग भाजपा से पैसा खाकर मुसलमानों को भड़काने की कोशिश में हैं।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने भी कहा है कि कांग्रेस केनेता कहीं समर्थन देने नहीं जा रहे हैं। लेकिन आठो विधायकों को एकसाथ मीडिया के समक्ष आकर किसी को समर्थन देने से इनकार करने की बात पूछी तो कुछ बोलने से इनकार कर दिया।
उपराज्यपाल के सामने भी बुलावे का पेंच
दिल्ली में सरकार बनाने के लिए उपराज्यपाल बुलावा दे सकते हैं या फिर किसी पार्टी को दावा ठोंकना पड़ेगा? इस मसले को लेकर राजनिवास असमंजस में है।
क्योंकि सबसे बड़ी पार्टी भाजपा गठबंधन को उपराज्यपाल की तरफ से अरविंद केजरीवाल की सरकार बनने से पहले बुलावा दिया जा चुका है। उस समय विधायकों की संख्या भी वर्तमान से अधिक थी।
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने उपराज्यपाल की तरफ से बिना भाजपा के दावा पेश किए बुलावा दिए जाने दवाब में आने वाला निर्णय बताया है।
भाजपा को क्यों नहीं बुला सकते उपराज्यपाल?
इतना ही नहीं भाजपा में अभी तक विधायक दल का नेता भी नहीं चुना गया है तो फिर बुलावा उपराज्यपाल किसे दें?
एक तीसरा पहलू यह भी है कि जब तक कांग्रेस या आम आदमी पार्टी के विधायक टूटकर कोई नया समीकरण नहीं बनाते तब तक संवैधानिक मान्यताओं के अनुसार उपराज्यपाल भाजपा को बुलावा नहीं दे सकते।
अगर आप या कांग्रेस के कुछ विधायक अलग होकर कहते हैं कि भाजपा को समर्थन देने को तैयार हैं तब भी उपराज्यपाल भाजपा को सरकार बनाने के लिए बुला सकते हैं।