फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनावी रण से बाहर होने की तैयारी में कांग्रेस नेता

विज्ञापन
विज्ञापन
गुड़गांव शहर से चार बार विधायक रहे धर्मबीर गाबा के बाद अब कांग्रेस के एक और बुजुर्ग नेता ने चुनावी राजनीति से खुद को अलग करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन


यह हैं विधानसभा में चार बार कांग्रस का प्रतिधित्व करने वाले और बादशाहपुर से मौजूदा विधायक राव धर्मपाल। उन्होंने अपनी जगह अपने बड़े बेटे राव विरेंद्र सिंह को टिकट देने की पार्टी हाईकमान से वकालत की है।

राव धर्मपाल ने कांग्रेस आलाकमान से चुनाव लड़ने में असमर्थता जताई है। इसकी वजह उन्होंने अपनी गिरती सेहत, उम्रदराजी और बादशाहपुर हलका को जटिल होना बताया है। उल्लेखनीय है कि यह विधानसभा क्षेत्र अन्य विधानसभा हलकों से अत्याधिक बड़ा, जटिल और अधिक मतदाताओं वाला है।
विज्ञापन


अमर उजाला से बातचीत में राव धर्मपाल ने बताया कि मौजूदा स्थिति में उनसे इतनी भग-दौड़ संभव नहीं। इसलिए उन्होंने अपने बेटे को टिकट देने के लिए पार्टी से वकालत की है।

उन्होंने बताया कि इसके लिए बेटे की ओर से आवेदन भी दिया गया है। हालाकि उन्होंने यह भी माना कि बेटे के साथ उन्होंने भी टिकट के लिए अर्जी डाली है। वह इसलिए कि यदि कांग्रेस उन्हें नहीं छोड़ना चाहेगी तो मजबूरीवश उन्हें ही चुनाव में उतरना पड़ेगा।
विज्ञापन

राव धर्मपाल की नई सियासी चाल

वैसे अपनी जगह विरेंद्र यादव को टिकट देने के पक्ष में उनका तर्क है कि उनका पुत्र लंबे समय से उनके साथ राजनीति में है। उसकी उम्र भी 50 वर्ष के करीब हो गई है।  उनकी तरह वह भी इलाके की नस-नस से वाकिफ है। बेटे के विधायक चुने जाने के बाद वह पार्टी में रहकर इलाके की और बढ़िया तरीके से मदद कर सकेंगे।

सोहना-बादशाहपुर से चार बार विधायक रहने वाले राव धर्मपाल इस बार लोकसभा चुनाव में गुड़गांव सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी थे। भाजपा और इनेलो के मुकाबले उन्हें भारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। यहां तक कि वह जमानत तक नहीं बचा पाए थे।

पार्टी सूत्र बताते हैं कि प्रदेश के मौजूदा सियासी हालात में उन्हें विधानसभा में भी शिकस्त मिलती है तो उनके लिए बड़ा झटका होगा। ऐसे में वह बेटे को आगे कर खुद पर्दे के पीछे से चुनावी राजनीति करना चाहते हैं। इसमें चुनाव परिणाम के अनुसार उन्हें बाकी राजनीतिक पारी तय करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। हालाकि अमर उजाला से बातचीत में वह ऐसे किसी भी अटकलबाजी से इनकार करते हैं।

राव धर्मपाल सोहना से तीन बार और एक बार बादशाहपुर से विधायक रहे हैं। उन्होंने 1987, 1991, 2000 में सोहना से कांग्रेस की टिकट  पर जीत दर्ज की थी। 2009 के परिसीमन के बाद राव साहब ने क्षेत्र बदल लिया और नया विधानसभा क्षेत्र बादशाहपुर से हाथ आजमाया और जीते। उन्हें सोहना में 2005 और 1996 के चुनाव में शिकस्त भी खाई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें