गुड़गांव शहर से चार बार विधायक रहे धर्मबीर गाबा के बाद अब कांग्रेस के एक और बुजुर्ग नेता ने चुनावी राजनीति से खुद को अलग करने का निर्णय लिया है।
यह हैं विधानसभा में चार बार कांग्रस का प्रतिधित्व करने वाले और बादशाहपुर से मौजूदा विधायक राव धर्मपाल। उन्होंने अपनी जगह अपने बड़े बेटे राव विरेंद्र सिंह को टिकट देने की पार्टी हाईकमान से वकालत की है।
राव धर्मपाल ने कांग्रेस आलाकमान से चुनाव लड़ने में असमर्थता जताई है। इसकी वजह उन्होंने अपनी गिरती सेहत, उम्रदराजी और बादशाहपुर हलका को जटिल होना बताया है। उल्लेखनीय है कि यह विधानसभा क्षेत्र अन्य विधानसभा हलकों से अत्याधिक बड़ा, जटिल और अधिक मतदाताओं वाला है।
अमर उजाला से बातचीत में राव धर्मपाल ने बताया कि मौजूदा स्थिति में उनसे इतनी भग-दौड़ संभव नहीं। इसलिए उन्होंने अपने बेटे को टिकट देने के लिए पार्टी से वकालत की है।
उन्होंने बताया कि इसके लिए बेटे की ओर से आवेदन भी दिया गया है। हालाकि उन्होंने यह भी माना कि बेटे के साथ उन्होंने भी टिकट के लिए अर्जी डाली है। वह इसलिए कि यदि कांग्रेस उन्हें नहीं छोड़ना चाहेगी तो मजबूरीवश उन्हें ही चुनाव में उतरना पड़ेगा।