भाजपा के खिलाफ शुरू हुए स्टिंग वार को आम आदमी पार्टी (आप) आम लोगों के बीच ले जा रही है। रणनीति है कि अरविंद केजरीवाल की जन सभाओं में प्रोजेक्टर पर वीडियो चलाया जाए। इससे केजरीवाल के अभी तक के जुबानी आरोपों को समर्थन मिलेगा। पार्टी मान रही है कि इसके जरिए आम लोगों को लामबंद किया जा सकता है।
दरअसल, विधान सभा भंग करने मांग के साथ आप ने चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। इसके तहत केजरीवाल दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रोजाना औसतन एक सभा भी कर रहे हैं।
इस दौरान उनके निशाने पर सीधा तौर पर भाजपा होती है। खरीद-फरोख्त का आरोप लगाने के साथ केजरीवाल भाजपा की नीयत पर सवाल भी खड़ा करते हैं। हालांकि पार्टी के पास आरोपों के हक में कोई ठोस सबूत नहीं था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं।