कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार की सुबह अचानक उत्तम नगर स्थित प्रजापति कॉलोनी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कुम्हारों के बीच समय बिताया, उनके कामकाज की प्रक्रिया को समझा और मिट्टी के दीये बनाने में भी हाथ आजमाया। राहुल का इस तरह से कारीगरों के बीच जाना और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनना लोगों के लिए हैरान कर देने वाला अनुभव था।
राहुल गांधी के सुबह-सुबह आने से कॉलोनी के लोग चौंक गए। वह लगभग छह बजे वहां पहुंचे और सीधे एक कुम्हार के घर पहुंचे जहां मिट्टी से दीये बनाने का काम चल रहा था। राहुल ने चाक पर मिट्टी रखकर दीये बनाए, जिसमें उन्होंने काफी उत्साह दिखाया। इस दौरान उन्होंने दीये पर अपने नाम के शुरुआती अक्षर आरजी लिखकर उसे ऑटोग्राफ के रूप में दिया।
राहुल गांधी ने कॉलोनी के पूर्व प्रधान हरिकिशन की पत्नी रति देवी से भी मुलाकात की, जिन्हें शिल्प गुरु के नाम से जाना जाता है। उन्होंने उनसे कुम्हारी कला की बारीकियों के बारे में चर्चा की। उन्होंने उनसे इस काम में आने वाली कठिनाइयों और उनके उत्पादों की सप्लाई के बारे में भी जानकारी ली। राहुल गांधी कुम्हारों से उनकी समस्याओं के बारे में गहराई से जानकारी ली। कुम्हारों ने बताया कि उनकी कला का यह कार्य कितना मेहनत भरा है और आज भी उन्हें पर्याप्त मजदूरी नहीं मिलती। इस दौरान राहुल गांधी ने उनके लिए कुछ बेहतर योजनाओं की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
राहुल गांधी पास के एक सैलून में पहुंच गए जहां सैलून के मालिक अजीत ठाकुर उनको सामने देखकर चौंक गए। राहुल ने अजीत से पूछा, क्या मेरी शेविंग कर दोगे? अजीत ने झट से हामी भरी और उनकी दाढ़ी बनाने लगे। इस दौरान राहुल ने उनसे उनके कामकाज, परिवार और आमदनी के बारे में बातें कीं। राहुल गांधी ने सैलून से बाहर निकलते समय अजीत को दाढ़ी बनाने के मेहनताने के रूप में 50 रुपये के बदले 500 रुपये दिए। अजीत ठाकुर ने बताया कि राहुल का सरल स्वभाव देखकर वह बेहद प्रभावित हुए।