महंगाई व भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को परे रखकर कांग्रेस यहां दस साल पहले की इनेलो सरकार के कार्यों से अपनी तुलना कर स्थिति को मैनेज करने की कोशिश में जुटी है।
पार्टी के कार्यकर्ता वोट देने से पहले इनेलो के कथित कुशासन को जेहन में रखने की सलाह दे रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि यह लोकसभा नहीं बल्कि विधानसभा का चुनाव है। मतदाताओं पर इसका कितना असर होगा यह देखना अभी बाकी है।
कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए वोट मांगने निकले मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा हर नुक्कड़ सभा में तुलनात्मक आंकड़ों का सहारा ले रहे हैं। इनेलो से फुरसत मिल रही है तो गुजरात से तुलना कर रहे हैं।
कांग्रेस किसानों व स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों पर ज्यादा जोर दे रही है। कांग्रेस का दावा है कि किसान, गरीब व स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों को जितना फायदा इस राज्य सरकार ने किया है उतना इनेलो के कार्यकाल में नहीं हुआ था।
कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि इनेलो के मुकाबले उनके शासन में अधिक बिजली पैदा हुई है। किसानों को ज्यादा फसल मूल्य दिया गया है। रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उद्योग बढ़े हैं।