कंपनी मामलों के विवादों और कंपनियों के रीफॉर्मेशन के लिए बने ट्रिब्यूलन को चार मेट्रो शहरों में शुरू करने की तैयारी चल रही है।
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) शुरू में कंपनी लॉ बोर्ड (सीएलबी) के मामलों को देखेगा। ट्रिब्यूनल की मुख्य अपीलीय बेंच नई दिल्ली में होगा।
कॉरपोरट अफेयर मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि एनसीएलटी के गठन की रूप रेखा तैयार कर ली गई है।
इसके तहत 30 सदस्य होंगे, जिसमें 16 न्यायिक क्षेत्र के सदस्य होंगे। जबकि 14 तकनीकी क्षेत्र से सदस्य होंगे। इसमें कंपनी सेक्रेटरी और चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे क्षेत्र के सदस्यों को नियुक्त किया जाएगा।
अधिकारी के अनुसार एनसीएलटी को अप्रैल 2014 से शुरू करने की योजना है। अधिकारी ने बताया कि एनसीएलटी के तहत सीएलबी के मामलों के साथ-साथ बोर्ड ऑफ इंडस्ट्रियल एंड फाइनेंशियल रिस्ट्रक्शन (बीआईएफआर) के मामलों को भी शामिल करने की योजना है।
लेकिन मामलों की संख्या को देखते हुए इसे दूसरे चरण के तहत शामिल किया जाएगा। बीआईएफआर के शामिल होने के बाद मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की कंपनियों के साथ-साथ सर्विस सेक्टर की कंपनियां भी अपने रीजेनरेशन के लिए आवेदन कर सकेंगी।
इसके अलावा बीआईएफआर का प्रस्तावित नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में विलय भी हो जाएगा। अभी कंपनियों को बीआईएफआर में आवेदन के लिए दिल्ली में आवेदन करना पड़ता है।
नए कानून के बाद सभी राज्यों के राजधानी में ट्रिब्यूनल के ऑफिस ओपेन किए जाएंगे। इससे कंपनियों के लिए राह आसान होगी। एनसीएलटी का गठन नए कंपनी कानून के तहत किया जा रहा है।