देश को किसी भी प्रकार के आतंकी हमले से महफूज रखने के लिए देश के नौ राज्यों के कमांडो के साथ नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) ने संयुक्त अभ्यास किया।
इस काउंटर टेरर एक्सरसाइज को 'अग्नि परीक्षा-2Ó नाम दिया गया था। यह दूसरा संयुक्त अभ्यास था। इसमें कुल 135 कमांडो ने हिस्सा लिया। 14 दिन चले इस अभ्यास में आंतकवाद के बदलते रूप से लडने के आधुनिक तरीकों का अभ्यास कराया गया।
यह अभ्यास मानेसर स्थित एनएसजी कैंपस में हुआ। इस दौरान राज्यों के सुरक्षा बलों को टीम वर्क पर फोकस करने की भी सलाह दी गई है।
इस संयुक्त अभ्यास को केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर आयोजन किया गया। एनएसजी ने स्टेट सिक्योरिटी एजेंसियों के कमांडो को आतंकवाद से मुकाबले के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया। 14 दिवसीय अभ्यास के दौरान उन्हें युद्ध कौशल की बारीकी से जानकारी दी गई।
देश में नक्सलवाद जैसी घटनाओं से निपटने के लिए इन राज्यों की पुलिस को तैयार किया गया। इस ज्वाइंट एक्सरसाइज में जिन राज्यों की पुलिस को अभ्यास कराया गया उन्हें शारीरिक ही नहीं मानसिक रूप से भी मजबूत बनाने का प्रयास यहां किया गया।
आज आतंकवादी किन-किन तरीकों से देश को क्षति पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, उसके ऐसे सभी संभावित हमलों के बारे में भी बारीकी से प्रशिक्षण दिया गया।
आतंकवाद के साथ जंग के अपने सभी अनुभवों से राज्यों की सशस्त्र पुलिस बलों को एनएसजी ने संयुक्त अभ्यास के दौरान अवगत कराया। इन्हें कई प्रकार दक्षताओं को भी विकसित करने को कहा गया।
सूचना तकनीक के तौर पर भी उन्हें और आधुनिक बनने की सलाह दी गई। अभ्यास में बताया कि गया कि किस प्रकार से उन्हें आईटी के प्रयोग को बढ़ावा देना होगा। क्योंकि आतंकवादी इन तकनीकों का बड़ी ही कुशलता के साथ प्रयोग कर रहे हैं।
ऐसे में सुरक्षा बलों को उनसे दो कदम आगे रहने की जरूरत है। भारत सरकार राज्यों की पुलिस को आंतकी चुनौती से दक्षता के साथ निपटने के लिए तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।