राज्य सरकार ने जनता की सुविधा के लिए सीएम विंडो की शुरूआत की थी। लेकिन विभागीय अफसर सीएम विंडो को नकारा साबित कराने से नहीं चूक रहे हैं। ये हम नहीं बल्कि सीएम विंडो पर महीनों से लंबित शिकायतें बता रही हैं।
मॉनिटरिंग के बाद सरकार ने संबंधित विभागों से स्पष्टीकरण मांगा है। इनमें सबसे ज्यादा लंबित शिकायतें जिला पंचायत एवं विकास विभाग और जिला राजस्व विभाग से संबंधित है।
मिली जानकारी के अनुसार सीएम विंडो पर इन दिनों 82 ऐसी शिकायतें मिली है, जो कई महीनों से लंबित हैं। इनमें अधिकांश शिकायतें फरवरी महीने की है। ज्यादातर शिकायतों का गोलमोल जवाब देकर पल्ला झाड़ लिया गया है।
शिकायतकर्ता जवाब पाने के लिए बार-बार रिमाइंडर डाल रहे हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री द्वारा की गई सीएम विंडो की समीक्षा के दौरान ये मामला सामने आया है।
सीएम विंडो मॉनिटरिंग सेल ने संबंधित विभागों से स्पष्टीकरण मांगा है। विंडो के नोडल अफसर सीटीएम गौरव अंतिल का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को मामला भेजकर जल्द जवाब देने को कहा है।