सचिवालय में लगे पहले जनता दरबार में हंगामे के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिकायतें सुनना शुरू कर दिया है।
दिल्ली सचिवालय में महिला एवं बाल विकास मंत्री राखी बिड़ला, मुख्य सचिव एसके श्रीवास्तव, मंडलायुक्त धर्मपाल और कुछ अन्य अधिकारियों के साथ बैठकर जिला उपायुक्त कार्यालय में आए शिकायतकर्ताओं से बातचीत की।
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जो शिकायतें राजस्व उपायुक्त कार्यालय से जुड़ी थीं, उन्हें वहीं निपटाने के आदेश दिए, जबकि दूसरे विभागों से जुड़ी शिकायतों का निपटारा जिला उपायुक्त संबंधित विभाग के अधिकारियों से कराएंगे।
मुख्यमंत्री ने बीते शनिवार को जनता दरबार में हुई अफरातफरी के बाद जनता के बीच खुद जाने की बात कही थी। उसी कड़ी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शिकायत सुनने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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शुरुआत राजस्व विभाग के सभी जिला कार्यालयों से की गई है। धीरे-धीरे पोर्टेबल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी विभागों में आने वाले लोगों की शिकायतें मुख्यमंत्री अचानक सुनेंगे। पूर्व घोषित कार्यक्रम नहीं होने के कारण दफ्तरों में शिकायतकर्ता की अधिक भीड़ की आशंका भी नहीं होगी।
अतिथि शिक्षकों का दूसरी रात भी धरना
दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों का धरना प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। अतिथि शिक्षकों की मांग प्रत्येक 10 मई को शुरू होने वाली मौसमी बेरोजगारी खत्म करके नियमित किए जाने की है। प्रदर्शन बुधवार को शुरू किया था और कोहरे और सर्द मौसम में शिक्षक रात को भी धरने पर खुले आसमान में बैठे रहे।
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ऑल गेस्ट टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल देश के बच्चों की नींव रखने वाले शिक्षकों से मिलने का समय नहीं निकाल सके। प्रवीण का कहना है कि शुक्रवार से शिक्षक कक्षाओं का बहिष्कार शुरू कर देंगे और यहां से तक तब तक नहीं जाएंगे, जब तक कि लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता।