निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम केजरीवाल बोले कि ओखला लैंडफिल साइट पर पिछले 26 साल से कूड़े का पहाड़ बन रहा है। आज की तारीख में यहां लगभग 40 लाख मीट्रिक टन कूड़ा अभी बाकी है। 2019 से यहां पर धीरे-धीरे कूड़ा उठना चालू हुआ था। अभी तक यहां से 20-25 लाख मीट्रिक टन कूड़ा उठाया जा चुका है, लेकिन अभी भी 40 लाख मीट्रिक टन कूड़ा अभी शेष रह गया है।
केजरीवाल ने बताया कि इसको हटाने का लक्ष्य अगले साल मई तक का है। लेकिन सभी ऑफिसर और इंजीनियर पूरी तत्परता से लगे हुए है, लिहाजा कोशिश है कि अगले साल मई के बजाय इस साल दिसंबर तक इस कूड़े के पहाड़ को साफ कर दिया जाए। साथ ही बताया कि यहां पर कूड़े को खोदकर निकालने की कैपेसिटी बहुत है, जिसे बायो माइनिंग भी कहते हैं। इसकी क्षमता करीब 17 हजार मीट्रिक टन की है।