आईएससी बोर्ड की ओर से 49 विषयों में परीक्षा का आयोजन किया गया था, जिसमें से 12 भारतीय भाषाएं, पांच विदेशी भाषाएं और दो शास्त्रीय भाषाएं शामिल थी। देश के दक्षिण क्षेत्र का पास प्रतिशत 99.81 फीसदी के साथ सबसे बेहतर रहा है। इसके बाद 99.58 फीसदी के साथ पश्चिमी क्षेत्र दूसरे पायदान, 99.41 फीसदी के साथ उत्तरी क्षेत्र तीसरे और 99.18 फीसदी पास प्रतिशत के साथ पूर्वी क्षेत्र चौथे पायदान पर है।
दक्षिण क्षेत्र में सबसे अधिक 52.12 फीसदी छात्राओं ने परीक्षा दी थी। वहीं, परीक्षा में सबसे अधिक बच्चे उत्तरी क्षेत्र से शामिल हुए थे, जिसमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य शामिल हैं। आरक्षित श्रेणी में 4,610 एसटी छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनका पास प्रतिशत 99.39 फीसदी रहा है।
वहीं, एससी श्रेणी में 3,383 छात्रों ने परीक्षा दी और पास प्रतिशत 99.20 फीसदी रहा और ओबीसी श्रेणी में 16,480 छात्र परीक्षा में शामिल हुए, जिनका पास प्रतिशत 99.49 फीसदी रहा। विशेष छात्रों की श्रेणी में 180 छात्र शामिल हुए, जिसमें से 18 छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए। दृष्टिबाधित श्रेणी में 12 छात्रों ने परीक्षा दी और छह छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए।
दिल्ली में 99.25 फीसदी अंकों के साथ मुबाशिरा शमीम ने किया टॉप
परीक्षा में दिल्ली की मुबाशिरा शमीम ने 99.25 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। वहीं, 98 फीसदी अकों के साथ संयुक्त रूप से सिद्धि मिश्रा, अनीशा वाही और जयंत कपूर दूसरे पायदान पर हैं। तीसरे स्थान पर 97.25 फीसदी अंकों के साथ खुशी कटारिया ने जगह बनाई है। आईएससी का दिल्ली में केवल एक स्कूल है, जो कि दक्षिणी दिल्ली स्थित में है। यहां से परीक्षा में 181 बच्चे शामिल हुए थे। इसमें से 90 (49.72 फीसदी) छात्र और 91 (50.28 फीसदी) छात्राएं शामिल थीं।
दिल्ली का पास प्रतिशत 100 फीसदी रहा है। आईएससी की ओर से 49 विषयों में परीक्षाओं का आयोजन किया गया था, जिसमें 12 भारतीय भाषाएं, पांच विदेशी भाषाएं और दो शास्त्रीय भाषाएं शामिल थीं। आरक्षित श्रेणी में एससी और एसटी वर्ग से दो-दो छात्रों ने परीक्षा दी थी, वहीं, ओबीसी वर्ग में सात छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। इन सभी छात्रों का पास प्रतिशत 100 फीसदी रहा है।