इस खतरनाक रोग को लेकर विशेषज्ञों ने डरा देने वाले तथ्य उजागर किए हैं। उनका कहना है कि पहले 60 साल या इसके बाद की उम्र के लोगों में इस बीमारी के लक्षण देखते जाते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों के दौरान सामने आए मरीजों की उम्र 50 के आसपास देखी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि नशे की लत और जीवन शैली को सुधारा न गया तो इसके गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे। ऑस्टियोपोरोसिस ऐसी स्थिति है, जिसमें हड्डियों का घनत्व कम होने से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे उनके टूटने (फ्रैक्चर) होने की संभावना होती है।
सफदरजंग अस्पताल के स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर में निदेशक प्रोफेसर डॉ दविंदर सिंह ने बताया कि धूम्रपान, शराब, कम उम्र में मधुमेह सहित अन्य कारणों से कम उम्र के लोगों में ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण दिख रहे हैं। सेंटर में आने वाले 60 साल से अधिक उम्र के 95 फीसदी मरीजों में ऑस्टियोपोरोसिस के एक या दो लक्षण दिखते हैं। वहीं ऐसा भी देखा गया है कि इससे कम उम्र के लोगों में भी ऑस्टियोपोरोसिस से जुड़े लक्षण दिख रहे हैं जो सामान्य नहीं है। उनका कहना है कि ऑस्टियोपोरोसिस की जांच के लिए कई तकनीक आ गई है। इनकी जांच से जल्द इसका पता चल सकता है और नियमित उपचार व स्वस्थ जीवन शैली से इन समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है।
हर दिन आते हैं 600 मरीज
स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर में रोजाना करीब 600 मरीज उपचार करवाने आते हैं। इनमें से करीब 20 से 30 फीसदी लोग 60 साल की उम्र से अधिक होते हैं। इन मरीजों के जांच में करीब 90 फीसदी लोगों में ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण दिखते हैं। वहीं कम उम्र के लोगों में भी ऑस्टियोपोरोसिस से जुड़े विकार दिख रहे हैं। जो आगे चलकर समस्या को विकराल बना सकते हैं।
महिलाओं में होती है ज्यादा समस्या
पुरुषों की तुलना में ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि एक अध्ययन से यह बात सामने आई कि पोस्टमेनोपॉज़ल ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या बढ़ जाती है। 40 की उम्र या महावारी बंद होने के महिलाओं की हड्डियां कमजोर होने की गति तेजी से बढ़ जाती है।
इनमें होने की ज्यादा आशंका
- अनुवांशिकी
- मधुमेह
- थायराइड
- धूम्रपान व शराब सेवन
- खराब लाइफ स्टाइल
- खराब डाइट
- गिरने के बाद लगी चोट
इनका ज्यादा खतरा
- स्पाइन का टेढ़ा होना
- सारे शरीर में दर्द रहना
- हड्डी से जुड़ी बीमारी होना
ऐसे रह सकते हैं स्वस्थ
- स्वस्थ जीवन शैली
- स्वस्थ भोजन
- सप्ताह में कम-कम तीन दिन टहलना
- धूम्रपान व शराब का सेवन बंद करना