न्यायाधीश ने यह समन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए जारी किया है। उन्होंने कार्ति चिदंबरम, उनके पूर्व चार्टर्ड अकाउंटेंट एस. भास्कर रमन को और कुछ कंपनियों के प्रतिनिधियों सहित छह अन्य को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। आरोपियों में पदम दुगार, विकास मखारिया, मंसूर सिद्दीकी, दुगार हाउसिंग लिमिटेड, एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसंिल्टग प्राइवेट लिमिटेड और तलवंडी साबो पावर लिमिटेड भी शामिल हैं।
ईडी ने वर्ष 2011 में 263 चीनी नागरिकों को वीजा जारी करने से संबंधित कथित घोटाले में आरोपियों के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया है। कथित घोटाले के समय कार्ति के पिता पी. चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे। ईडी ने कहा कि इस मामले में काले धन को सफेद करने में वास्तविक रकम अभी तक साबित नहीं हो पाई है।
सीबीआई के मामले में उल्लिखित 50 लाख रुपए की रित के कथित भुगतान को वर्तमान मामले का आधार नहीं माना जा सकता। ईडी ने इसी मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की दर्ज की गई एक प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपनी तरफ से मामला दर्ज किया था।