दिल्ली के सरकारी स्कूलों में जल्द ही बच्चों की हाजिरी टैबलेट से लगेगी। दिल्ली सरकार ने इस योजना को अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी है। हाल ही में 15 स्कूलों के शिक्षकों व प्रिंसिपलों को इसकी ट्रेनिंग दी गई है। इन स्कूलों में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।
फिलहाल चार कक्षाओं की हाजिरी एक साथ एप के माध्यम से भेजी जा रही है। इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने पर हाजिरी एंड्रॉयड टैबलेट से भेजी जाएगी। उधर, राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ इस योजना को पर सवाल उठा रहा है।
शिक्षा निदेशालय की आईटी ब्रांच ने इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत 15 स्कूलों के एंड्रयॉड ऐप्लिकेशन फॉर स्टूडेंट एटेडेंस ट्रेनिंग को आयोजित किया। इस ट्रेनिंग में एक पीजीटी, एक टीजीटी व एक टीजीटी कंप्यूटर साइंस को हाजिरी लगवाने का प्रशिक्षण दिया गया। शिक्षक चार कक्षाओं की हाजिरी एक साथ एप से निदेशालय को भेज रहे हैं।
जल्द ही अध्यापक एंड्रॉयड टैबलेट के माध्यम से छात्रों की हाजिरी लगवाएंगे। साथ ही बच्चा कक्षा में मौजूद है या नहीं इस बात का संदेश भी बच्चों के माता-पिता के पास पहुंच जाएगा। इस टैबलेट से शिक्षक असाइनमेंट व रिजल्ट भी तैयार कर सकेंगे।
इससे अध्यापक अपने स्कूल के बच्चों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रख सकेंगे। हालांकि राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ के महासचिव अजय वीर यादव का कहना है कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो इससे शिक्षण समय खराब होगा। शिक्षक डिवाइस(टैबलेट) में लगे रहेंगे और शिक्षण पर कम ध्यान देंगे। पेपरलेस होने से टीचिंग प्रैक्टिस पर असर पड़ेगा।