वर्कशाप में 14 व 16 साल के दो किशोरों सहित 11 व 12 साल के तीन बच्चों से भी काम करवाया जा रहा था। इनमें एक बच्ची भी शामिल है। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने बच्चों से बातचीत की तो पता चला कि एक बच्चे को तो वर्कशाप मालिक ने मात्र 15 सौ रुपये मासिक के हिसाब से काम पर रखा हुआ है।
इसके अलावा अन्य बच्चों में किसी को 16 सौ रुपये तो किसी को दो हजार रुपये मिल रहे थे। टीम ने बच्चों को वहां से रेस्क्यू करवा उनके घर भेज दिया। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम की शिकायत पर डबुआ कॉलोनी थाना पुलिस ने वर्कशाप मालिक मनिंदर सिंह के खिलाफ जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।