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आँखों में आंसू ला देगा 13 साल के बच्चे का ये सुसाइड नोट

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पति-पत्नी के बीच चल रहे पारिवारिक कलह का खामियाजा दोनों को अपने 13 साल के होनहार बेटे की जान गवांकर चुकाना पड़ा। नौंवी कक्षा में पढ़ने वाले स्वर्णिम उर्फ शानू (13) ने अपनी मौसी के घर फांसी लगाकर जान दे दी।
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वॉट्सऐप स्टेटस में लिखे अपने सुसाइड नोट में शानू ने लिखा है कि, जहां इंसान से ज्यादा पैसों की कीमत है, उसे ऐसी दुनिया में नहीं जीना।

शानू के माता-पिता पिछले नौ सालों से अलग रह रहे हैं। मां दुबई की एक नामी एमएनसी में नौकरी करती है, जबकि पिता शाहदरा में फोटो ग्राफर है।

मां-बाप को मिलाने के लिए कर ली आत्महत्या

वेलकम थाना पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शानू का शव परिजनों को सौंप दिया है। उसका लैपटॉप और मोबाइल फोन कब्जे में लेकर छानबीन कर रही है।

पुलिस के मुताबिक शानू अपने नाना धर्मपाल सिंह व नानी कल्पना के साथ कृष्णा कॉटेज, गली नंबर-9, वैशाली, गाजियाबाद में अपने बड़े भाई शिखर (18) के साथ रहता था।

सनवैली इंटरनेशलन स्कूल में शानू नौंवी व उसका भाई दसवीं कक्षा में पढ़ते थे। स्कूल में पैर में फ्रेक्चर होने के बाद शानू अपने भाई के साथ पिछले 15 अगस्त से अपनी मौसी सीमा के पास गली नंबर-4, कबीर नगर, वेलकम में आया हुआ था।
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आत्महत्या से पहले मौसेरी बहन से बात करता रहा

सोमवार देर रात तक शानू अपने भाई व मौसी की बेटी साक्षी के साथ बैठकर देर रात तक बात करता रहा। रात करीब 12.00 बजे दोनों भाई कमरे में सोने चले गए।

सोते समय अचानक जब शिखर की आंख खुली तो उसने देखा कि शानू फांसी के फंदे पर झूल रहा था। परिजनों ने फौरन उसे फंदे से उतारकर नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां से उसे जीटीबी रेफर कर दिया गया।

अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि वह चाहता था कि उसके माता-पिता एक साथ रहे। लेकिन उसकी मां को पैसे कमाने की धुन थी, जिसकी वजह से वह बच्चों को छोड़कर दुबई चली गई थी।

इसी तनाव में उसने फांसी लगा ली। शानू ने अपने तनाव का जिक्र अपने वॉट्सएप स्टेट्स में भी किया है। जिसे उसने सोमवार शाम को अपडेट किया था। वेलकम थाना पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
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