गाजियाबाद में वैशाली के आरोग्य अस्पताल में भर्ती देबू (8) की पेन किलर के ओवरडोज से जान चली गई। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा काटा।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने इलाज में लापरवाही और गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर दो डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोप है रविवार को देबू के हाथ की रसौली (गांठ) के आपरेशन के बाद उठे दर्द को कम करने के लिए डॉक्टरों ने पेन किलर का इंजेक्शन दिया था। परिजनों का कहना है कि पेन किलर के ओवरडोज से ही देबू की मौत हुई है।
सवा घंटे तक चला था ऑपरेशन
गाजियाबाद के पुराना आर्य नगर निवासी अनिल शर्मा श्रीराम पिस्टन कंपनी में कार्यरत हैं। तीन बेटों में छोटे देव उर्फ देबू (8) के हाथ में रसौली थी। देव गाजियाबाद के ही सेंट मैरी स्कूल के कक्षा चार में पढ़ता था।
अनिल के अनुसार, रसौली के ऑपरेशन के लिए उन्होंने रविवार सुबह देव को वैशाली सेक्टर-6 के आरोग्य अस्पताल में भर्ती कराया था। शाम छह बजे उसका ऑपरेशन हुआ।
करीब सवा घंटे के ऑपरेशन के बाद जब वह होश में आया तो उसने हाथ में तेज दर्द की शिकायत की। शुरुआत में डॉक्टरों ने उसे आम दर्द बताया। मगर जब दर्द नहीं रुका तो डॉक्टर एसएस भगत और उनकी टीम ने उसे पेन किलर का इंजेक्शन लगा दिया।
इंजेक्शन लगाते ही हो गया बेहोश
आरोप है कि डॉक्टरों ने उसे इंजेक्शन की अधिक डोज दे दी जिससे कुछ देर बाद ही देबू बेहोश हो गया और उसकी मौत हो गई। आरोप है कि मौत के बाद भी जबरन उसे वेंटिलेटर पर रखा गया और मौत की बात छिपाई गई।
मौत की पुष्टि होते ही परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया और पुलिस को शिकायत दी। एसएचओ इंदिरापुरम राशिद अली ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर डॉ. एसएस भगत और उनके साथी सचिन मित्तल को गिरफ्तार कर लिया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण स्पष्ट हो सकेंगे। शुरुआती जांच में दवाई की ओवरडोज ही मौत का कारण लग रही है। इस संबंध में आरोग्य अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया गया।