मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम इंदिरापुरम में बने कैलाश मानसरोवर भवन का उद्घाटन कर देश के करोड़ों श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात दी। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर भवन का शिलान्यास वर्ष 2017 में हुआ था। आज इस भवन को लोकार्पित कर आपको सौंपते हुए मुझे गौरव की अनुभूति हो रही है। मैं आप सबको हृदय से बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। कैलाश मानसरोवर भवन बनाने की मांग यहां के जनप्रतिनिधियों ने शासन के सामने रखी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम के समय फैसला किया गया कि यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को 50 हजार की जगह 1 लाख रुपये दिए जाएंगे, तो उस समय बात हुई कि यहां एक भवन भी बनना चाहिए। गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर निर्माण के लिए हमने जमीन की भी कीमत दी है। आज हम यह भव्य भवन उन सभी श्रद्धालुओं को समर्पित करते हैं जो कैलाश मानसरोवर से लेकर सिंधु दर्शन, बद्रीनाथ, केदारनाथ जी, गंगोत्री और यमुनोत्री जी के दर्शन के लिए जाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि हम लोग जो भी कार्य करेंगे वह नियमों का पालन करते हुए ही करेंगे। पहले वाली भूमि पर एनजीटी ने आपत्ति की, तो यह फैसला लिया गया कि उसे खारिज कर भवन ऐसे स्थान पर बनाएंगे, जहां शासन जमीन को क्रय करेगा और भूमि उस भवन के नाम पर ही होगी। हमने धर्मार्थ कार्य विभाग के महानिदेशक का गठन किया है क्योंकि हमारे यह धार्मिक केंद्र श्रद्धा का केंद्र होने के साथ ही पर्यटन और रोजगार के बड़े माध्यम हैं।
बता दें कि धर्मार्थ कार्य विभाग द्वारा इस भव्य भवन को 70 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया। खास यह है कि देशभर से कैलाश मानसरोवर यात्रा और चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को यहां फाइव स्टार की सुविधाएं मिलेंगी। यहां पर 280 लोगों के रुकने की व्यवस्था है।