नोएडा से सटे यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह हुए सड़क हादसे में दो लोगों की मौत तथा 71 वाहनों के भिड़ने की घटना को शासन ने गंभीरता से लिया है। जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डीआईजी मेरठ को पुलिस द्वारा अवैध वसूली के आरोपों की जांच और कमिश्नर आगरा को बचाव व राहत कार्य समय पर न होने की जांच के आदेश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने हादसे को गंभीरता से लिया है। उन्होंने एक सप्ताह में पूरे मामले की रिपोर्ट भी तलब की है। इसे देखते हुए पुलिस के आला अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लिखित में सीओ जेवर को जांच के आदेश दिए हैं।
बुधवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे पर ट्रक को रोककर कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा अवैध उगाही करने का आरोप लगा था। इसी चक्कर में इतना बड़ा हादसा हो गया था, जिसमें 71 वाहन भिड़ गए थे और भेल कंपनी के दो अधिकारियों की की मौत हो गई थी। मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। हालांकि, इस बारे में डीआईजी मेरठ रमित शर्मा का कहना है कि उन्हें अभी तक लिखित या मौखिक कोई आदेश नहीं मिला है। वहीं, पुलिस के आला अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं और मामले की गहनता से जांच कराने के निर्देश लिखित में सीओ जेवर अरविंद सिंह को दिए गए हैं।
एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को ही उन्होंने मौखिक रूप से सीओ जेवर को हादसे की जांच के निर्देश दिए थे। मामला चूंकि गंभीर है इसलिए लिखित में भी निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस देकर बुलाया जाएगा पूछताछ के लिए
हादसे में पीड़ित लोगों के बयान लेने के लिए सीओ जेवर अरविंद कुमार सिंह उनको नोटिस देकर थाने बुलाएंगे, जिससे स्पष्ट हो सके कि हादसा अवैध वसूली करने के दौरान हुआ या फिर कोहरा ही मुख्य कारण रहा। हालांकि, सीओ ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी व्यक्ति को पता है कि हादसा असल में कैसे हुआ है तो वह उनसे मिलकर बता सकता है। उसका नाम गुप्त रखा जाएगा।