दक्षिण-पूर्व जिले की साइबर थाना पुलिस ने लंदन से पार्सल भेजकर महिलाओं से ठगी करने वाले एक नाइजीरियन व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी फ्रैंक बोआडू सिर्फ महिलाओं से ही ठगी करता था और 100 से ज्यादा महिलाओं से ठगी कर चुका है। ये वर्ष 2018 से ही ठगी कर रहा था। आरोपी के पांच बैंक खातों का पता लगा है। इन बैंक खातों में हाल ही में 45 लाख रुपये से ज्यादा के लेनदेन का पता लगा है।
पुलिस इसके साथियों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। यूपी के औरेय्या की भी एक पीड़ित महिला सामने आई है। दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी ईशा पांडेय के अनुसार पेशे से ज्योतिषशास्त्री शकुंलता यादव ने साइबर थाना प्रभारी कुलदीप शेखावत को 11 मार्च को शिकायत दी थी कि व्हाट्सएप के जरिए वह एक व्यक्ति के संपर्क में आई। व्यक्ति ने बताया कि वह लंदन में रहता है और उसने लंदन के नंबर से बात की थी।
व्हाट्सएप पर बात होने के बाद दोनों में दोस्ती हो गई। कुछ समय बाद आरोपी ने कहा कि उसने लंदन से उसे महंगा पार्सल भेजा है। इसके बाद पीड़िता के पास भारतीय नंबर से फोन आया कि उसके नाम जो पार्सल आया हुआ वह कस्टम में अटका हुआ है। कस्टम ड्यूटी के नाम पर पीड़ित से 8.50 लाख रुपये बैंक खातों में जमा करा लिए गए। मामला दर्जकर थाना प्रभारी कुलदीप शेखावत की देखरेख में एसआई मनोज भास्कर व हवलदार नवीन की टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने उन बैंक खातों की डिटेल खंगाली जिन खातों में पीड़ित से पैसे जमा करवाए थे। पता लगा कि इन खातों से उत्तम नगर स्थित एक एटीएम से पैसे निकाले गए हैं। पुलिस ने एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस ने करीब 13 दिन तक एटीएम के पास जाल बिछाया। आरोपी 13वें दिन जब एटीएम से पैसे निकालने आया तो एसआई मनोज भास्कर की टीम ने आरोपी फ्रैंक बोआडू (38) को 15 मार्च को गिरफ्तार कर लिया। इसके पास से तीन डेबिट कार्ड, छह मोबाइल, दो लैपटॉप और एक स्कूटी बरामद की है। आरोपी वर्ष 2018 में टूरिस्ट वीजा पर छह महीने के लिए भारत आया था। वीजा खत्म होने के बाद वह वापस नहीं गया। वह अफ्रीकी देशों के भारत में रह रहे अन्य नागरिकों से मिलकर ठगी करने लगा।
खुद को इंग्लैंड का नागरिक बताता था
आरोपी पीड़ित को खुद को इंग्लैंड का व्यक्ति बताता था। वह पहले पीड़ित से दोस्ती करता था और बाद में कहता था कि उसने उसके लिए लंदन से महंगा गिफ्ट भेज रहा है। ये पीड़ित से इंग्लैंड के नंबर से बात करते थे, ताकि पीड़ित को लग रहा था कि आरोपी सही बोल रहा है। इसके बाद ये पीड़ित को भारतीय नंबर से फोन करते थे और कहते थे कि एयरपोर्ट पर उनका पार्सल (गिफ्ट) अटका हआ है। पार्सल को छुड़ाने के लिए कस्टम ड्यूटी व सीमा शुल्क आदि देना होगा। पीड़ित को लगता था कि कोई कस्टम विभाग का अधिकारी बोल रहा है। ये पीड़ित से कस्टम ड्यूटी व सीमा शुल्क के नाम पर मोटी रकम बैंक खातों जमा करा लेते थे। बैंक खातों में रकम जमा होते ही आरोपी अपना मोबाइल नंबर बंद कर लेता था।