दिल्ली नगर निगम चुनावों में अपेक्षित सफलता न मिलने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) एक बार फिर अपनी सभी सियासी रणनीतियों की समीक्षा कर रही है। पार्टी नेतृत्व ने अपनी राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्यों व संस्थापक सदस्यों से कहा है कि वह गोवा, पंजाब व निगम चुनाव की नाकामियों के को देखते हुये एक विस्तृत मसौदा तैयार करें। जिसके आधार पर पार्टी भविष्य की नीतियां तय कर सके।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि इनके फीडबैक के बाद पार्टी की नीतियों, रणनीतियों के साथ संगठन के स्तर पर भी बदलाव हो सकता है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री आवास पर चली कई दौर की बैठकों के बाद पीएसी व संस्थापक सदस्यों को यह जिम्मेदारी दी गयी है।
इसके पीछे की बुनियादी सोच यह है कि पार्टी जमीनी स्तर पर अपनी कमजोरियों को पहचान कर उसे दूर करे। वहीं, दुबारा से पार्टी को मजबूत किया जा सके। ड्राफ्ट पेपर तैयार होने के बाद इस पर पार्टी की पीएससी में चर्चा होगा।
बता दें कि निगम चुनाव की हार के बाद पार्टी नेतृत्व ने करीब 300 पर्यवेक्षकों के साथ बैठक की थी। उनकी रिपोर्ट के हर प्वाइंट को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गंभीरता से लिया। इसके बाद पीएसी में भी इस पर चर्चा हुयी।
इसी बाद ही पार्टी ने दुबारा कार्यकर्ताओं से संवाद बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, संस्थापक सदस्यों व पीएसी के सदस्यों की रिपोर्ट के आधार पर संगठन में बड़ा बदलाव भी किया जा सकता है।