फांसी की तारीख मुकर्रर होने के बाद से निर्भया के चारों गुनहगारों के बर्ताव में लगातार परिवर्तन आ रहा है। जेल सूत्रों का कहना है कि मौत को नजदीक आते देखकर सभी खामोश हो गए हैं। मेडिकल जांच के दौरान कुछ भी पूछने पर भड़क जाते हैं।
डेथ वारंट जारी होने के बाद बीते तीन दिन में चारों दोषियों का वजन भी कुछ कम हो गया है। उसकी वजह चिंता और ठीक से भोजन नहीं करना बताया जा रहा है। डेथ वारंट जारी होने के बाद सबसे अधिक विनय डरा हुआ है।
बृहस्पतिवार को उसकी ओर से ही क्यूरेटिव याचिका दाखिल की गई है। माना जा रहा है कि बाकी तीनों दोषी भी जल्द ही क्यूरेटिव याचिका दाखिल कर सकते हैं।
जेल सूत्रों के मुताबिक लगातार 24 घंटे दोषियों पर निगाह रखी जा रही है। डेथ वारंट जारी होने के बाद से विनय रात में सो नहीं पा रहा है। मुकेश, पवन और अक्षय को उनके सेल में ही खाना दिया जाता है, लेकिन तीनों ठीक से खाना नहीं खा रहे हैं।
जेल प्रशासन का कहना है कि अमूमन डेथ वारंट जारी होने के बाद दोषियों के व्यवहार में काफी बदलाव आ जाता है, जो स्वाभाविक है। फांसी की तारीख मुकर्रर होने पर दोषियों की अंतिम इच्छा पूछी जाती है और परिवार से मिलने की इजाजत भी दी जाती है। माना जा रहा है कि क्यूरेटिव याचिका और राष्ट्रपति से दया याचिका खारिज होने के बाद यह प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।