दिल्ली के मुख्य चुनाव कार्यालय (सीईओ) ने चुनाव आयोग को गुरुवार को बताया कि ‘नमो टीवी’ के लोगो को मंजूरी दी थी, लेकिन इसकी सामग्री को प्रमाणित नहीं किया था क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने भाषण मौजूद हैं। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के मुताबिक नमो टीवी उस नमो एप का हिस्सा है जिसे पार्टी संचालित करती है और इस डिजिटल संपत्ति का स्वामित्व उसी के पास है।
चुनाव आयोग ने मंगलवार को सीईओ के कार्यालय से इस बारे में जानकारी देने को कहा था कि प्रमाणन समिति ने कभी राजनीतिक सामग्री को मंजूरी दी थी या नहीं।
चुनाव आयोग को दिए जवाब में सीईओ कार्यालय ने कहा, कि उन्हें भाजपा से सामग्री का पूर्व-प्रमाणन का अनुरोध प्राप्त हुआ था। एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि दिल्ली चुनाव कार्यालय ने नमो टीवी के लोगो को मंजूरी दी, लेकिन जो सामग्री प्रमाणन के लिए सौंपी गई उसमें प्रधानमंत्री के पुराने भाषण थे और यह महसूस किया गया, चूंकि इसका प्रसारण पहले ही किया जा चुका है, इसलिए उसे पूर्व-प्रमाणन की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सीईओ कार्यालय का जवाब इन बिंदुओं पर केंद्रित है। पिछले सप्ताह, चुनाव आयोग ने सूचना प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी कर उससे ‘नमो टीवी’ पर रिपोर्ट मांगी थी। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने आयोग से यह निर्देश देने का अनुरोध किया था कि मंत्रालय आचार संहिता के उल्लंघन पर चैनल पर रोक लगाए।