पांच दिन के ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उन्हें हाइब्रिड लर्निंग एजुकेशन का परिचय, हाइब्रिड लर्निंग कांसेप्ट और टूल किट, लाइव क्लासरूम में हाइब्रिड लर्निंग का कार्यान्वयन, हाइब्रिड लर्निंग के तत्व, हाइब्रिड लर्निंग सेटअप- हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर घटक पर जानकारी दी जाएगी।
कोरोना महामारी के कारण स्कूल पूरी तरह से खुले नहीं हैं। स्कूलों में पढ़ाई हाईब्रिड(ऑफलाइन-ऑनलाइन) मोड में चल रही है। इस कारण से शिक्षकों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) ने शिक्षकों को हाईब्रिड लर्निंग केलिए तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। बोर्ड शिक्षकों को माइक्रोसॉफ्ट एजुकेशन के साथ मिलकर हाईब्रिड लर्निंग में प्रशिक्षित करेगा।
विज्ञापन
शिक्षा प्रणालियों की चुनौतियों से शिक्षक कैसे निपटें, ऐसे में सीबीएसई ने माइक्रोसॉफ्ट एजुकेशन, माइक्रोसॉफ्ट के ग्लोबल ट्रेनिंग पार्टनर टेक अवंत गार्डे केसाथ मिलकर शिक्षकों के लिए हाईब्रिड लर्निंग की ट्रेनिंग देने का प्लान बनाया है। शिक्षकों को यह ट्रेनिंग 15 नवंबर से मिलनी शुरु होगी। यह प्रशिक्षण पांच दिन का होगा, इसमें प्रत्येक स्कूल केदो-दो शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। शिक्षकों की ट्रेनिंग पूरी होने केबाद उन्हें प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
पांच दिन का होगा शिक्षकों का प्रशिक्षण
पांच दिन के ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उन्हें हाइब्रिड लर्निंग एजुकेशन का परिचय, हाइब्रिड लर्निंग कांसेप्ट और टूल किट, लाइव क्लासरूम में हाइब्रिड लर्निंग का कार्यान्वयन, हाइब्रिड लर्निंग के तत्व, हाइब्रिड लर्निंग सेटअप- हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर घटक पर जानकारी दी जाएगी। स्कूलों को अपने शिक्षकों को इस ट्रेनिंग का हिस्सा बनाने केलिए पंजीकरण करवाना होगा। हाईब्रिड लर्निंग प्रोग्राम के लिए ट्रेनिंग प्रक्रिया की शुरुआत 15 नवंबर से शुरु होगी। शिक्षकों के बैच केहिसाब से चार दिसंबर तक चलेगा।