केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) नेे कोरोना संक्रमित विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। संक्रमित विद्यार्थी भी मंगलवार से शुरू हो रही दसवीं-बारहवीं की टर्म-2 परीक्षा में बैठ सकते हैं। ऐसे बच्चों के लिए परीक्षा केंद्रों पर दो क्वांरटीन रूम की व्यवस्था की गई है। किसी भी विद्यार्थी की तबीयत ठीक नहीं होने पर उसे क्वांरटीन रूम में भेेजा जाएगा। वहीं टर्म-1 और टर्म-2 की परीक्षा में शामिल नहीं होने वाले बच्चों को कक्षा दोहरानी होगी। उन्हें कंपार्टमेंट परीक्षा में बैठने का अवसर नहीं मिलेगा।
सीबीएसई की ओर से सोमवार को स्कूलों को लाइव वेबिनार के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों को टर्म-2 परीक्षा की गाइडलाइंस की जानकारी दी गई। बोर्ड की ओर से स्कूलों को बताया गया कि कोई बच्चा कोरोना संक्रमित है, तो वह भी परीक्षा दे सकता है। उसे अन्य परीक्षार्थियों से अलग क्वांरटीन रूम में बैठकर परीक्षा देनी होगी। इसके अलावा अन्य विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, जिन बच्चों मेें कोरोना के लक्षण हैं उन्हें परीक्षा केंद्र और बोर्ड को इसकी रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। दोनों टर्म की परीक्षा में शामिल नहीं हुए हैं तो कक्षा दोहरानी होगी बोर्ड ने स्पष्ट किया कि जो बच्चे टर्म-1 और टर्म-2 परीक्षाओं में शामिल नहीं होंगे, उन्हें इस साल कंपार्टमेंट परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
टर्म -2 परीक्षा देने वाले बच्चों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए बोर्ड की ओर से स्कूलों को विशेष राशि जारी की जाएगी। बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक स्कूल को प्रति उम्मीदवार प्रति दिन 2 रुपये मिलेंगे। वहीं, बोर्ड ने स्कूलों को परीक्षा केंद्रों को सुरक्षित बनाने और प्रोटोकॉल का पालन करने की योजना बनाने के भी निर्देश हैं। स्कूलों को कोविड से संबंधित व्यवस्था के लिए 5000 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
फर्जी सूचना फैलाने पर होगी कार्रवाई
हर साल देखने में आता है कि परीक्षा शुरू होने पर फर्जी सूचनाएं फैलाई जाती हैं। इस कारण अभिभावकों व छात्रों में तनाव की स्थिति बनती हैं। ऐसे में बोर्ड ने कहा है कि परीक्षा को लेकर फर्जी सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।