नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने शराब नीति (एक्साइज पॉलिसी) मामले में सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू को अगली सुनवाई से पहले सारणीबद्ध रूप में नई लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया है। सीबीआई ने इस याचिका में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को डिस्चार्ज किए जाने के आदेश को चुनौती दी है।
न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की बेंच ने कहा कि लिखित दलीलों में स्पष्ट रूप से यह बताया जाए कि, चुनौती दिए गए आदेश के किन पैराग्राफों पर आपत्ति है और मूल रिवीजन याचिका में उनके संबंधित आधार क्या हैं, किन निष्कर्षों को चुनौती दी जा रही है, क्या गलत कानूनी परीक्षण लागू किया गया या रिकॉर्ड की सामग्री को नजरअंदाज/गलत पढ़ा गया (उस सामग्री का ट्रायल कोर्ट रिकॉर्ड में पेज नंबर भी बताएं), और प्रत्येक चुनौती किन प्रतिवादियों से संबंधित है। अदालत ने यह भी कहा कि यदि मूल रिवीजन याचिका में किसी चुनौती का कोई विशिष्ट पैराग्राफ नहीं है, तो उसे भी स्पष्ट रूप से दर्शाया जाए। ये दलीलें अगली सुनवाई से कम से कम दो दिन पहले दाखिल की जाएं और सभी प्रतिवादियों के वकीलों को अग्रिम प्रति दी जाए। न्यायमूर्ति दत्ता ने टिप्पणी की, मैं इस स्तर पर कई लिखित दलीलें नहीं चाहता। एक बार आप अपनी दलीलें पूरी कर लें, तो प्रतिवादियों के लिए एक ही बार में जवाब देना बेहतर रहेगा। मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे निर्धारित की गई है।