शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-1 स्थित कृष्णा होम्स अपार्टमेंट में मंगलवार रात बिजली के मीटरों में आग लग गई और पूरे अपार्टमेंट में धुआं भर गया। इस कारण सोसायटी से बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया और यहां रहने वाले नौ परिवार करीब 40 मिनट तक अपने फ्लैटों में ही फंसे रहे।
इससे तीन मंजिला अपार्टमेंट में अफरातफरी मच गई। पहली मंजिल पर रहने वाले परिवार ने बालकनी से कूदकर जान बचाई। पड़ोसियों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई और बिजली के मीटरों पर रेत और मिट्टी डालकर आग बुझाई।
पुलिस और फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक आग बुझ चुकी थी। अपार्टमेंट में धुआं भरने से एक महिला बेहोश हो गई, जबकि बच्चे सहम गए।
प्लाट संख्या-253 पर कृष्णा होम्स अपार्टमेंट है। तीन मंजिल के इस अपार्टमेंट में नौ फ्लैट बने हैं। अपार्टमेंट की सीढ़ियों के नीचे ही सभी फ्लैट्स के बिजली के मीटर लगे हुए हैं।
मंगलवार रात करीब 11 बजे शॉर्ट सर्किट से मीटर के पैनल में आग लग गई, जिसके बाद पूरा अपार्टमेंट में धुएं से भर गया। यह देख लोगों ने बाहर निकलने की कोशिश की, मगर सीढ़ियों के पास आग लगी देखकर लोग डर गए।
धुएं की वजह से लोगों का दम घुटने लगा। घबराहट में पहली मंजिल पर रहने वाले रेजिडेंट जितेंद्र शर्मा फ्लैट के पिछले हिस्से की बालकनी से नीचे कूद गए और परिवार के लोगों को भी नीचे उतारा।
शोर मचाने पर पड़ोसी आ गए और रेत तथा मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास करने लगे। कुछ लोग सब स्टेशन पहुंचे और विद्युत आपूर्ति बंद कराई। सूचना पर रात करीब 11:40 बजे पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग बुझाई जा चुकी थी।
मीटर जलने से अपार्टमेंट की बिजली गुल रही। इस कारण रेजिडेंट्स को रात अंधेरे और गर्मी में गुजारनी पड़ी। सुबह पानी भी नहीं मिल सका।
इसकी वजह से लोग ऑफिस और बच्चे स्कूल नहीं जा सके। एसडीओ जागेश कुमार ने बताया कि बुधवार शाम तक सभी मीटरों को बदलकर बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई है।
धुआं हुआ कम तो निकले लोग
मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मी आग बुझी देख लौट गए। उन्होंने वहां फंसे लोगों को निकालने की जहमत तक नहीं उठाई। जब धुआं कम हुआ तो आसपास के लोगों ने पुलिस की मदद से अपार्टमेंट में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
सांस लेने में हुई दिक्कत, महिला हुई बेहोश
आग के बाद अपार्टमेंट में धुआं फैल गया था, जिसकी वजह से सांस लेने में लोगों को दिक्कत होने लगी। अपार्टमेंट में करीब 50 लोग फंसे थे। पहली मंजिल पर रहने वाले महेंद्र दास की पत्नी मंजुलता बेहोश हो गईं।
वह पत्नी को बालकनी में ले गए। चेहरे पर पानी डालने के करीब 20 मिनट बाद उन्हें होश आया। बच्चे भी घबराकर चीखने चिल्लाने लगे थे। अभिभावकों ने बच्चों को संभाला और धुआं कम होने पर बाहर आए।