...तो अधिकारों का हनन होगा
मेहरा ने फैसले को गलत बताते हुए कहा कि जिला जज ने जैन के द्वारा उठाए गए तर्कों पर उचित तरीके से विचार नहीं किया और यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो उनके मुवक्किल के अधिकारों का हनन होगा। पीठ ने आग्रह स्वीकार करते हुए सुनवाई सोमवार तय कर दी।
छापे में मिली थी अघोषित संपत्ति, सोने के 133 सिक्के
सत्येंद्र जैन को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में 30 मई को गिरफ्तार किया था। 57 साल के सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईडी की ओर से छापेमारी के दौरान करीब 2.85 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति और सोने के 133 सिक्के बरामद किए जाने का दावा किया था।
हफ्ते भर में मामला निपटाने के निर्देश
इससे पूर्व जिला जज ने ईडी के आवेदन को स्वीकार करते हुए सुनवाई न्यायाधीश विकास ढुल के पास स्थानांतरित कर दी। अदालत ने जैन के उस तर्क को खारिज कर दिया कि मामला दूसरी अदालत में स्थानांतरित होने से सुनवाई में देरी होगी क्योंकि पहले ही अदालत दो माह से सुनवाई पूरी कर चुकी है।
अदालत ने कहा, जैन के मामले में एक सप्ताह में निपटारा किया जाए और जमानत पर सुनवाई आज से ही शुरू की जाए। सीबीआई ने तब दिसंबर, 2018 में जैन के खिलाफ चार्जशीट दायर की। फिलहाल जैन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।
जैन से आबकारी मामले में हो चुकी पूछताछ
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आबकारी नीति मामले में भी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद सत्येंद्र जैन से पूछताछ कर चुकी है। एजेंसी ने इसके लिए स्थानीय अदालत से अनुमति मांगी थी।
एलएनजेपी में भर्ती होने पर उठे थे सवाल
गौरतलब है कि न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद जैन अब तक दो बार एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती हुए हैं। जैन को सबसे पहले जीबी पंत अस्पताल में भर्ती के लिए लाया गया था, लेकिन पंत में किसी कारण भर्ती नहीं किया जा सका। एलएनजेपी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार ने पहली बार जैन को मेडिसिन वार्ड में भर्ती किया था, उस समय जैन को कमर दर्द की शिकायत थी। बार-बार भर्ती होने पर अस्पताल प्रशासन पर ईडी ने सवाल भी खड़ा किया था।