केजरीवाल सरकार के एक और मंत्री कैलाश गहलोत अब संकट के घेरे में दिख रहे हैं। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली परिवहन निगम द्वारा डीटीसी की 1000 लो फ्लोर बसों की खरीद में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच सीबीआई को सौंप दी है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया, उपराज्यपाल ने इस बारे में मिली शिकायत सीबीआई को भेज दी है। वैसे सीबीआई मामले में पहले ही प्राथमिक जांच शुरू कर चुकी है। सक्सेना ने नई शिकायत और सीबीआई द्वारा पहले से की जा रही जांच को मिलाने की अनुमति भी दे दी।
उपराज्यपाल सक्सेना को मिली शिकायत में दावा है, बसों की खरीद का टेंडर निकालने वाली समिति के अध्यक्ष पद पर परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की नियुक्ति पूर्वनियोजित तरीके से की गई है। इस टेंडर के लिए नीलामी प्रबंधन सलाहकार की नियुक्ति भी भ्रष्टाचार की सहूलियत को ध्यान में रख की गई थी। शिकायत के अनुसार, जुलाई, 2019 में 1000 लो फ्लोर बीएस-4 व बीएस-6 बसों की खरीद और मार्च, 2020 में बीएस-6 बसों की खरीद व मेंटेनेंस के ठेके में अनियमितता हुई है। शिकायत 22 जुलाई को दिल्ली के मुख्य सचिव को राय के लिए भेजी गई थी। 19 अगस्त को मुख्य सचिव ने रिपोर्ट दी, जिसमें कुछ खास अनियमितताओं को चिह्नित किया है। अब उपराज्यपाल ने जांच सीबीआई को भेज दी है। राजभवन सूत्रों ने बताया, सीबीआई टेंडर प्रक्रिया में सरकारी सेवकों द्वारा आपराधिक गलतियों की जांच करेगी।
समिति ने सरकार को बताया था जिम्मेदार
अवकाशप्राप्त आईएएस अधिकारी ओपी अग्रवाल की अध्यक्षता में बस खरीद की जांच के लिए समिति बनाई गई थी। कमेटी ने पिछले साल अगस्त में दी रिपोर्ट में खरीद के टेंडर और प्रक्रिया में बदलाव के लिए दिल्ली की आप सरकार को दोषी ठहराया था।
ये था मामला
डीटीसी ने 1000 बसों की खरीद के प्रस्ताव के लिए निविदा जारी की थी। यह 1000 बीएस-4 मॉडल या नवीनतम बसों की आपूर्ति के लिए एकल निविदा थी। 1000 बसों की प्री बिड में 400 बीएस-4 जबकि 600 बीएस-6 बसें शामिल थीं। पर, निविदा में एक ही कंपनी जेबीएम थी, जो दोनों तरह की बसों के लिए बोली लगा रही थी। टाटा मोटर्स ने सिर्फ 600 बीएस-6 बसों के लिए बोली लगाई थी। जेबीएम के एकल बोलीदाता होने के कारण नियमानुसार निविदा रद्द होनी चाहिए थी, पर ऐसा नहीं हुआ।
केजरीवाल भ्रष्टाचार के पर्याय : भाजपा
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार के पर्याय हो गए हैं। उन्होंने कहा, आप भ्रष्टाचार में डूबी है। आप जहां भी सत्ता में हैं, वहां भ्रष्टाचार है और डीटीसी बस घोटाला इसका उदाहरण है। पहली बार परिवहन बोर्ड के अध्यक्ष परिवहन मंत्री खुद हैं, जबकि पहले इस पद पर कोई अधिकारी होता था।
उपराज्यपाल खुद गंभीर आरोपों में घिरे हैं : आप
आप के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल खुद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की जांच करवा रहे हैं। वह खुद की जांच को तैयार नहीं हैं। पर, पुराना मामले उठाकर दिल्ली सरकार पर हमला करते हैं। हमारे खिलाफ किसी भी जांच का कोई नतीजा नहीं निकलेगा।
वित्तीय बोलियों का उचित मूल्यांकन नहीं
- जांच में यह भी सामने आया कि बोली सलाहकार और डीटीसी की निविदा समिति ने वित्तीय बोलियों का उचित मूल्यांकन नहीं किया।
- रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) में फ्रंट-फेसिंग सीटों की अनिवार्यता के बावजूद इस शर्त को पूरा न करने पर जेबीएम कंपनी की बोली को अस्वीकार नहीं किया।