अपने परिसर की खुली जगह और छत पर भोजन परोसने की अनुमति देना एमसीडी के लिए फायदे का सौदा साबित हुआ है। 15 नवंबर को शुरू हुई इस पॉलिसी के तहत निगम को मात्र चार माह में ही 5.44 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। इसके लिए एमसीडी ने 138 रेस्त्रां को खुली जगहों पर भोजन परोसने का लाइसेंस दिया है। जबकि छतों पर भोजन परोसने के लिए 57 रेस्त्रां मालिकों को अनुमति दी है।
खुली ताजी हवा और खुले आसमान के नीचे लोगों को खाने-पीने का अनुभव देने और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिहाज से निगम ने पिछले साल 15 नवम्बर को दिल्ली नगर निगम के एकीकरण से पहले ही दक्षिणी निगम ने रेस्त्रां से सटे खुले स्थानों व छतों पर भोजन परोसने की अनुमति प्रदान करने की नीति शुरू की थी।
दिल्ली नगर निगम सचिव ने साफ किया है कि हाईकोर्ट के अगले आदेश तक अब सदन की बैठक नहीं होगी। मेयर ने स्थायी समिति चुनाव दोबारा कराने के लिए सोमवार को सदन की बैठक बुलाई थी, लेकिन रविवार को निगम सचिव कार्यालय की ओर से सभी निगम पार्षदों को सार्वजनिक रूप से सूचना जारी की गई है। मामले की अगली सुनवाई 22 को होगी।
शुक्रवार को निगम की स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव होने के बाद इसके नतीजे घोषित करने से पहले सदन में पार्षदों के बीच जमकर मारपीट हुई। आखिर मेयर शैली ओबरॉय ने सदन की कार्यवाही को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया। मेयर ने चुनाव की पूरी प्रक्रिया को रद्द करते हुए कहा था कि सोमवार को दोबारा इसका चुनाव होगा। मेयर के इस फैसले के खिलाफ शनिवार को पूर्व मेयर व मौजूदा पार्षद कमलजीत सहरावत और पार्षद शिखा रॉय ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि मेयर स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव के बैलेट पेपर, सीसीटीवी फुटेज और बाकी महत्वपूर्ण जानकारियों को सुरक्षित रखें। इस मामले में अगली सुनवाई 22 मार्च को होनी है।