दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल अपने किराये के नए बंगले में जाने से पहले ही कानूनी पचड़े में फंस गए हैं।
4-बी फ्लैग स्टाफ रोड स्थित सिविल लाइन बंगले में हिस्से का दावा कर रहे विरेंद्र जैन ने केजरीवाल के अलावा उनको किराये पर बंगला देने वाले भाई नरेंद्र जैन के खिलाफ तीन याचिकाएं दायर कर दी।
उन्होंने याचिका में भाई के खिलाफ अदालत की अवमानना, अदालत के आदेश की गलत व्याख्या करने पर आपराधिक कार्रवाई के अलावा केजरीवाल को बंगले से बाहर करने का आदेश देने का आग्रह किया गया। तीनों याचिकाओं पर एक जुलाई को सुनवाई होगी।
विवाद के बावजूद दिया किराए पर
गौरतलब है कि भीखू राम जैन के पांच पुत्रों व दो बहनों के बीच संपत्ति विवाद चल रहा है। मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। 4-बी फ्लैग स्टाफ रोड सिविल लाइन बंगला भी विवादों में है।
नरेंद्र जैन ने इसी बंगले को केजरीवाल को किराये पर दिया है और फिलहाल बंगले में मरम्मत का काम जारी है। विरेंद्र जैन के वकील गिरीश अग्रवाल की ओर से दायर याचिका में कहा है कि उक्त बंगले में उनके मुवक्किल का पचास प्रतिशत हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि मामले में अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया हुआ है इसके बावजूद नरेंद्र जैन ने बिना अदालत की इजाजत लिए व उनके मुवक्किल को बताए बिना केजरीवाल को बंगला किराये पर दे दिया।
'किराएदार नहीं मेहमान हैं केजरी'
उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल को मीडिया से मामले की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने केजरीवाल को भी विवाद का संदेश भिजवाया बावजूद बंगले में मरम्मत का काम जारी है।
उन्होंने कहा अब नरेंद्र जैन, केजरीवाल को बतौर मेहमान बता रहे हैं जो गुमराह करने वाला तथ्य है। कोई भी मेहमान मरम्मत के लिए 20 से 25 लाख रुपये खर्च नहीं करता।
उन्होंने कहा स्पष्ट है कि नरेंद्र जैन ने अदालत के आदेश का उल्लंघन किया है। ऐसे में नरेंद्र के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का निर्देश दिया जाए। वहीं, केजरीवाल व मरम्मत करने वाले हर व्यक्ति को तुरंत बंगले से बाहर होने के निर्देश दिए जाएं साथ ही सभी पक्षों पर जुर्माना लगाया जाए।
पांच दिनों में शिफ्ट होंगे केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल जून के आखिर में सिविल लाइंस के मकान में शिफ्ट हो जाएंगे। बुधवार को मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि मुझे सरकारी आवास खाली करना है।
सिविल लाइंस में किराये पर एक मकान मिल गया है। पांच दिनों में वहां शिफ्ट हो जाऊंगा। जहां तक विवाद का सवाल है, मामला दो भाइयों के बीच का है।
अगर मामला अदालत में जाता है और अदालत मकान खाली करने का कहती है तो वह किसी दूसरी जगह शिफ्ट हो जाएंगे।