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हौसला: 13 साल में 6 बार हुआ कैंसर, हर बार दी मात, तीन बार ऑपरेशन और पांच बार हो चुका है रेडिएशन

Fri, 28 Jun 2019 05:49 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एनके चौधरी, पत्नी गीता और इलाज करने वाले डॉक्टर दिनेश के साथ - फोटो : अमर उजाला
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मरीज के साथ-साथ पूरे परिवार को मुसीबत में लाने वाले कैंसर को बुलंद हौसलों के साथ कैसे मात दी जा सकती है? इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं दिल्ली के एनके चौधरी। 67 वर्षीय एनके चौधरी को बीते 13 वर्षों में 6 बार कैंसर हो चुका है। हर बार उन्होंने इस बीमारी का डटकर मुकाबला किया। वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल में हाल ही में उन्होंने अपने छठे कैंसर का उपचार कराया है। धूम्रपान और गुटखा के सेवन के चलते वर्ष 2005 में उन्हें पहली बार मुंह का कैंसर हुआ था। तब से लेकर अब तक उन्हें दो बार जीभ, टांसिल, जबड़े के पीछे और होंठ पर कैंसर हो चुका है। इस दौरान डॉक्टर उन्हें तीन बार ऑपरेशन और करीब पांच बार रेडियोथैरेपी व कीमो दे चुके हैं। 

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आमतौर पर कहा जाता है कि कैंसर मरीज को एक बार रेडियोथैरेपी ही दी जा सकती है। लेकिन कई बार कैंसर दोबारा होने पर इसके सिवा कोई विकल्प नहीं होता, लेकिन पांच बार रेडिएशन देना चौंकाने वाला है। जानकारों की मानें तो अब तक चिकित्सा क्षेत्र में इतनी बार कैंसर होने और रेडिएशन लेने वाला कोई केस सामने नहीं आया है। 

अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि 67 वर्षीय एनके चौधरी का केस कैंसर को लेकर कई सीख उन्हें दे चुका है। इसमें सबसे पहली और अहम सीख है कि अगर किसी को कैंसर होता है और ऑपरेशन या रेडिएशन के जरिए वह स्वस्थ्य हो जाता है तो दोबारा भी कैैंसर होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इसलिए उपचार के बाद हर तीन माह में कैंसर विशेषज्ञ से मिलना और हर छह माह के दौरान जरूरी मेडिकल जांच कराने से मरीज निगरानी रख सकता है। एनके चौधरी की यही जागरुकता छह बार कैंसर को हराने में सहायक रही। 

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अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. दिनेश सिंह ने बताया कि एनके चौधरी को सबसे पहले 2005 में जीभ में कैंसर हुआ था। उस दौरान लेजर तकनीकी से ट्यूमर को हटाया गया था। इसके बाद 2 वर्ष तक वे स्वस्थ रहे और लगातार मेडिकल जांच कराते रहे। साल 2007 में उन्हें गले में कैंसर की शिकायत हुई। उस दौरान डॉक्टरों ने रेडियोथैरेपी के जरिये उन्हें बचा लिया। इसके बाद 2010 में टांसिल में कैंसर हुआ, जिसे कीमो और रेडियोथैरेपी के जरिये रोका गया। इसके बाद 2014 में उन्हें कार्सिनोमा (जबड़े के पीछे) कैंसर हुआ।

इस दौरान डॉक्टरों को ऑपरेशन और रेडियोथैरेपी दी गई। इसके बाद फरवरी 2018 में उन्हें निचले होंठ पर ट्यूमर हुआ। कुछ ही समय पहले मरीज को जीभ में फिर से कैंसर की शिकायत हुई। बार बार कैंसर और रेडियोथैरेपी, कीमो देने के चलते अस्पताल के सर्जन और रेडिएशन विशेषज्ञों ने मिलकर इस मामले पर अध्ययन किया। डॉ. दिनेश सिंह का कहना है कि उन्होंने अब तक इस तरह का मामला न कभी पढ़ा है और न ही कभी देखा या सुना। 

डॉ. दिनेश सिंह का कहना है कि एनके चौधरी को दोबारा फिर कैंसर होगा या नहीं? इसके बारे में कुछ नहीं कह सकते, लेकिन इतना जरूर है कि कैंसर का एक बार इलाज करा लेने के बाद नियमित जांच से बीमारी पर निगरानी रखी जा सकती है।
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