अब फरीदाबाद जिले का कोई भी सरकारी अस्पताल या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र एचआईवी गर्भवती महिला को रेफर नहीं कर सकेगा।
महिला का प्रसव सरकारी स्वास्थ्य संस्थान को शहर में ही सुनिश्चित करना होगा। गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए नेको (नेशनल एड्स कंट्रोल सोसायटी) ने यह निर्णय लिया है।
नेको ने अपने एनएसीपी-चार (नेशनल एड्स कंट्रोल प्रोग्राम का चौथा चरण) में गर्भवती महिलाओं के लिए कई नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत महिला जिस भी जिले से संबंधित है, उसी जिले के सरकारी अस्पताल में प्रसव करवाया जाएगा।
अगर महिला को रेफर करना पड़े, तो इसके लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को ठोस कारण बताने होंगे। बिना ठोस कारणों के महिला को प्रसव के लिए किसी अन्य शहर में भेजे जाने पर संबंधित विभाग अधिकारी या डॉक्टर पर कार्रवाई हो सकती है। इसके साथ ही ऐसी सभी गर्भवती महिलाओं की केस हिस्ट्री समय-समय पर नेको को भेजनी होगी।
गौरतलब है कि एचआईवी ग्रस्त होने के कारण गर्भवती महिलाओें को दूसरे शहर रेफर कर दिया जाता है। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बीना शर्मा ने बताया कि नए निर्देशों के बाद एचआईवी पीड़ित महिलाओं को सहायता मिलेगी। निर्देशों को लागू करने के लिए प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसायटी से बात की जा रही है।